दिल्ली प्रदूषण : साँसों के घहराते संकट के बीच सख्त हुए ग्रैप-3 के नियम

“दिल्ली सरकार ने CAQM के निर्देशों के तहत राजधानी के प्राइवेट दफ्तरों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत अब प्राइवेट ऑफिसेज के 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर सकेंगे”

नई दिल्ली 23 / 11 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से सांस लेना दूभर हो गया है। प्रदूषण की बढ़ती मार के बीच ग्रैप-3 के नियम को सख्त करते हुए एहतियातन वर्क फ्रॉम होम को मंजूरी दी गई है।

दिल्ली सरकार ने कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों के तहत राजधानी के प्राइवेट दफ्तरों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत अब प्राइवेट ऑफिसेज 50% कर्मचारियों के साथ ऑन-साइट काम करेंगे और बाकी कर्मचारी वर्क-फ्रॉम-होम करे सकेंगे। यह कदम एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि  प्रदूषण की स्थिति को संतुलित किया जा सके।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ग्रैप-III के तहत हम हर तरह के पॉल्यूशन कंट्रोल उपायों की कड़ी मॉनिटरिंग कर रहे हैं और सभी निर्देशों को पूरी गंभीरता से लागू कर रहे हैं।

नागरिकों से अपील की गई है कि खुले में किसी भी तरह का कूड़ा या बायोमास जलाना पूरी तरह बंद रखें, धूल प्रदूषण पर सतर्क रहें और किसी भी शिकायत को तुरंत ग्रीन दिल्ली ऐप पर दर्ज करें ताकि सरकार तुरंत कार्रवाई कर सके।  

प्रदूषण के स्तर पर लगातार नज़र 

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “ग्रैप-III के दौरान दिल्ली सरकार हर जरूरी कदम तेज़ी से उठा रही है। हमारा फोकस साफ हवा, पब्लिक हेल्थ और ग्राउंड पर रियल टाइम मॉनिटरिंग का है।”

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण के स्तर पर लगातार नज़र रख रही है और हालात को बेहतर करने के लिए ज़रूरी फैसले तुरंत ले रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और संवेदनशील समूहों की सुरक्षा को लेकर सरकार बेहद सतर्क है।

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार पहले ही MCD और जीएनसीटीडी के सभी दफ्तरों के लिए अलग अलग टाइमिंग लागू कर चुकी है, जो फरवरी 2026 तक जारी रहेंगी। 

MCD  दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के दफ्तर 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे। इससे पीक आवर्स में वाहनों की भीड़ कम होगी और प्रदूषण पर भी नियंत्रण रहेगा।

सरकार की पॉल्यूशन कंट्रोल तैयारियों पर आगे बताते हुए सिरसा ने कहा, “ये सभी कदम बड़े स्तर पर चलाए जा रहे पॉल्यूशन कंट्रोल ड्राइव का हिस्सा हैं। दिल्ली ग्राउंड लेवल और जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और इससे आस-पास के राज्यों को भी प्रदूषण नियंत्रण के उपायों में मदद मिल रही है।”

उन्होंने बताया कि 2,000 से ज़्यादा कर्मचारी दिल्ली सरकार की अलग-अलग एजेंसियों से मिलकर 24×7 ग्राउंड पर काम कर रहे हैं। अब तक 1,200 से ज़्यादा कंस्ट्रक्शन साइट्स और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का निरीक्षण किया जा चुका है।

इनमें से 200 से ज़्यादा को शो कॉज नोटिस दिए गए हैं और 50 साइट्स को तुरंत बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने प्राइवेट ऑफिसेज से अपील की है कि वे इस एडवाइजरी को सभी ब्रांच और टीमों तक  पहुंचाएं और इसका पालन सुनिश्चित करें।

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