APO 68th Governing Body Meeting

नई दिल्ली में एशियाई उत्पादकता संगठन की 68वीं बैठक सफलतापूर्वक संपन्न

नई दिल्ली में एशियाई उत्पादकता संगठन (APO) की 68वीं बैठक संपन्न, भारत ने दुनिया को दिया ‘सतत उत्पादकता’ का नया मंत्र

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

राजधानी नई दिल्ली के भव्य ‘भारत मंडपम’ में आयोजित एशियाई उत्पादकता संगठन (APO) के शासी निकाय की 68वीं बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।

20 से 22 मई 2026 तक चले इस तीन दिवसीय महामंथन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, डिजिटल परिवर्तन और सतत आर्थिक विकास को लेकर अहम रणनीतिक चर्चाएं हुईं।

इस सफल आयोजन ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को एक बार फिर वैश्विक मंच पर साबित किया है।

इस उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के तत्वावधान में राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) द्वारा किया गया।

इसमें सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नीति निर्माताओं और उत्पादकता विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की विकास गाथा को रखा सामने

21 मई को आयोजित उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की।

अपने संबोधन में उन्होंने भारत के उत्पादकता-आधारित विकास मॉडल की सराहना की। श्री गोयल ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure), लॉजिस्टिक सुधारों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के सशक्तिकरण और स्थिरता की दिशा में भारत की पहलों को विस्तार से दुनिया के सामने रखा।

नेतृत्व में बदलाव और ‘विजन 2030’ पर जोर

इस बैठक में एपीओ के नेतृत्व में भी अहम बदलाव हुआ। भारत के एपीओ निदेशक और DPIIT सचिव श्री अमरदीप सिंह भाटिया का कार्यकाल पूरा होने के बाद, इंडोनेशिया के प्रोफेसर अनवर सानुसी ने 2026-27 के लिए एपीओ अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।

वहीं, ईरान और जापान के प्रतिनिधियों ने क्रमशः प्रथम और द्वितीय उपाध्यक्ष का पद संभाला।

बैठक के दौरान सदस्य अर्थव्यवस्थाओं ने ‘एपीओ विजन 2030’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, जीएआईए (GAIA – Genuine AI Action) पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उत्पादकता विकास और आधुनिक प्रशिक्षण प्रणालियों पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अलावा वर्ष 2025 की वित्तीय रिपोर्ट, 2026 के लिए लेखा परीक्षकों की नियुक्ति और 2027-28 के बजट को भी मंजूरी दी गई।

कंबोडिया को मिला प्रत्यायन, लाओ पीडीआर करेगा अगली मेजबानी

आयोजन के दौरान, उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया।

कंबोडिया के राष्ट्रीय उत्पादकता संगठन को एपीओ-एबी (APO-AB) प्रत्यायन प्रमाणपत्र भी सौंपा गया।

बता दें कि भारत सहित 13 सदस्य देश पहले ही यह प्रमाणन प्राप्त कर चुके हैं। समापन सत्र में यह घोषणा की गई कि वर्ष 2027 में 69वीं जीबीएम (GBM) की मेजबानी लाओ पीडीआर (Lao PDR) करेगा, जबकि कार्यशाला शिखर बैठक श्रीलंका में आयोजित की जाएगी।

विदेशी प्रतिनिधियों ने किया भारत की सांस्कृतिक विरासत का दीदार

विचार-विमर्श के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली के प्रमुख धरोहर स्थलों का भ्रमण कराया गया।

प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय संग्रहालय, हुमायूं का मकबरा और इंडिया गेट-सेंट्रल विस्टा का दौरा किया। साथ ही, उन्होंने राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों, पांडुलिपियों और कलाकृतियों के दर्शन कर भारत की समृद्ध बौद्ध और आध्यात्मिक विरासत की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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