Garud Commando Maroon Beret Parade

वायु सेना के गरुड़ कमांडो की पासिंग आउट परेड चांदीनगर में संपन्न

वायु सेना को मिले नए जांबाज: चांदीनगर में ‘गरुड़’ कमांडो की मैरून बेरेट परेड संपन्न, दिखाई युद्ध कौशल की अदम्य झलक”

चांदीनगर/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के सबसे घातक और विशिष्ट बल ‘गरुड़’ को आज नए जांबाज कमांडो मिल गए हैं।

वायु सेना के ‘गरुड़’ विशेष बलों के जवानों के अत्यंत कठोर प्रशिक्षण के सफलतापूर्वक पूरा होने के उपलक्ष्य में शनिवार, 23 मई 2026 को वायु सेना स्टेशन चांदीनगर स्थित गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर (जीआरटीसी) में एक भव्य ‘मैरून बेरेट’ (Maroon Beret) औपचारिक परेड का आयोजन किया गया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय वायु सेना की ताकत और जांबाजों के शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।

एवीएम राहुल गुप्ता ने किया परेड का निरीक्षण

इस शानदार पासिंग आउट परेड में एवीएम राहुल गुप्ता, एसीएएस ऑपरेशन (अंतरिक्ष) ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

कार्यक्रम की शुरुआत में गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें इस कड़े प्रशिक्षण के विभिन्न तकनीकी और सामरिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य अतिथि एवीएम राहुल गुप्ता ने परेड का निरीक्षण किया और सभी युवा गरुड़ कमांडो को उनके सफल प्रशिक्षण और पासिंग आउट पर बधाई दी।

कठोर प्रशिक्षण और बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर जोर

युवा कमांडो को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने तेजी से बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में विशेष बलों के कौशल को लगातार निखारना और कठोर प्रशिक्षण के प्रति समर्पित रहना सबसे ज्यादा जरूरी है।

इस गौरवमयी पल के दौरान उन्होंने सफल प्रशिक्षुओं को प्रतिष्ठित ‘मैरून बेरेट’, गरुड़ प्रवीणता बैज (Garud Proficiency Badge) और विशेष बल टैब (Special Forces Tab) प्रदान किए।

साथ ही, प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को विशेष ट्राफियां देकर सम्मानित किया गया।

‘गरुड़ों’ ने दिखाया हैरतअंगेज युद्ध कौशल

पासिंग आउट समारोह का सबसे रोमांचक पल वह था, जब नए ‘गरुड़’ कमांडो ने अपने सामरिक कौशल का लाइव प्रदर्शन किया।

इन जांबाजों ने युद्धक फायरिंग, बंधक बचाव अभियान (Hostage Rescue), फायरिंग ड्रिल, विस्फोटक सामग्री का सटीक उपयोग, खतरनाक बाधाओं को पार करना, दीवार पर चढ़ना, रस्सियों के सहारे ऊंचाई से उतरना (Slithering) और सैन्य मार्शल आर्ट जैसे करतब दिखाकर वहां मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर और भविष्य की चुनौतियां

एक गरुड़ कमांडो के लिए ‘मैरून बेरेट’ पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव और असीम उपलब्धि का क्षण होता है।

यह इस बात का प्रतीक है कि उन्होंने एक आम सैनिक से ‘विशेष बल संचालक’ (Special Forces Operator) बनने तक की बेहद कठिन अग्निपरीक्षा पास कर ली है।

हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) में भारतीय वायु सेना के गरुड़ विशेष बलों ने जिस तरह की अदम्य भूमिका निभाई थी, उसे देखते हुए इन नए कमांडो के शामिल होने से वायु सेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

ये युवा संचालक भविष्य में किसी भी जटिल और विशेष अभियान को अंजाम देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।