HP Drug Testing Labs

हिमाचल के बॉर्डर इलाकों में खुलेंगी 3 नई ड्रग टेस्टिंग लैब

हिमाचल में नशा तस्करों पर कसेगा शिकंजा: बद्दी, ऊना और नूरपुर में खुलेंगी नई ‘ड्रग डिटेक्शन और टेस्टिंग लैब’

शिमला (द पॉलिटिक्स अगेन ब्यूरो): संतोष सेठ की रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों और नकली दवाओं के बढ़ते अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।

अब नशा तस्करों के खिलाफ जांच प्रक्रिया को और अधिक तेज व प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के सीमावर्ती (बॉर्डर) इलाकों—बद्दी, ऊना और नूरपुर में नई ‘ड्रग डिटेक्शन एवं टेस्टिंग लैब’ स्थापित की जाएंगी।

बद्दी और नूरपुर में जगह तय, ऊना में तलाश जारी

राज्य फोरेंसिक साइंस निदेशालय ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। बद्दी और नूरपुर में पहले से संचालित फोरेंसिक लेबोरेटरी के कैंपस में ही इन नई ड्रग टेस्टिंग लैब के लिए स्थान निर्धारित कर लिए गए हैं।

वहीं, ऊना जिले में इस लैब की स्थापना के लिए उपयुक्त भवन या भूमि की तलाश युद्ध स्तर पर की जा रही है।

36 नए पदों को मिली मंजूरी, भर्ती प्रक्रिया शुरू

इन नई लैब्स के संचालन को सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने 36 नए पदों को भरने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

प्रत्येक लेबोरेटरी में 12-12 पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को भरने की प्रक्रिया भी विभिन्न माध्यमों से आरंभ कर दी गई है।

इससे अब पुलिस और जांच एजेंसियों को सभी प्रकार के ड्रग्स की त्वरित और प्रभावी जांच रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसने में आसानी होगी।

अब जांच के लिए शिमला या दिल्ली भेजने की नहीं पड़ेगी जरूरत

गौरतलब है कि अब तक हिमाचल प्रदेश में सभी प्रकार के ड्रग्स और नशीले पदार्थों के नमूनों की गहन जांच केवल शिमला के जुन्गा स्थित लैब में ही होती थी।

कई बार अति-महत्वपूर्ण सैंपलों को जांच के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली भी भेजना पड़ता था, जिससे जांच प्रक्रिया में काफी समय लगता था और देरी होती थी। इन तीन नई लैब्स के खुलने से समय की भारी बचत होगी।

क्या कहती हैं फोरेंसिक सर्विसेज की डायरेक्टर?

डायरेक्टरेट ऑफ फोरेंसिक सर्विसेज (हिमाचल प्रदेश) की डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी महाजन ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की ओर से बद्दी, ऊना व नूरपुर में तीन ड्रग डिटेक्शन एवं टेस्टिंग लेबोरेटरी खोलने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

इसके लिए 36 पद स्वीकृत कर उन्हें भरने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। बद्दी और नूरपुर में फोरेंसिक कैंपस में ही इनका संचालन होगा, जबकि ऊना के लिए भूमि व भवन चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है।

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