हिमाचल – प्रदेश में बनने वाली 25 प्रतिशत दवाइयों के सैंपल हर महीने फेल ?
“हिमाचल प्रदेश में दवाइयों के सैंपल फेल पाए जाने पर ड्रग कंट्रोलर को राज्य उच्च न्यायालय ने तलब करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद भी राज्य में बन रही दवाओं के नमूने फेल हो रहे हैं”
शिमला 29 / 10 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि पूरे देश से हर महीने दवाइयों के सैंपल और टेस्टिंग करने वाले सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) की जांच में राज्य में बनने वाली 25 प्रतिशत दवाइयों के सैंपल फेल हो रहे हैं।
सरकार को घटिया दवाइयों के मैन्युफैक्चरिंग पर कड़ी फटकार
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने सरकार को घटिया दवाइयों के मैन्युफैक्चरिंग पर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान पूछा कि सरकार दवाइयों की गुणवत्ता बढ़ाने और मिलावट को रोकने के लिए क्या कर रही है।
इस पर महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से दे देख रही है। अगर कोई कंपनी घटिया दवाइयां बेचते हुए पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई की जा रही है और जुर्माना लगाया जा रहा है।
दवाएं, टूथपेस्ट और हाल ही में हरे मटर का सैंपल भी तय मानकों पर खरा नहीं











