NTWB Chairman Sunil J Singhi addressing the 10th meeting of National Traders Welfare Board

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की 10वीं बैठक, डिजीदुकान का विस्तार

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की 10वीं बैठक संपन्न: देश भर में फैलेगा ‘डिजीदुकान’, छोटे व्यापारियों को मिलेगा डिजिटल बूस्ट “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया और व्यापार सुगमीकरण की नीति को आगे बढ़ाते हुए आज नई दिल्ली में ‘राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड’ (NTWB) की 10वीं अहम बैठक आयोजित की गई।

यह बैठक हाइब्रिड मोड (फिजिकल और वर्चुअल) में संपन्न हुई, जिसने प्रौद्योगिकी आधारित शासन और देश भर के हितधारकों की व्यापक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।

बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘डिजीदुकान’ (DigiDukaan) के विस्तार और छोटे व्यापारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर प्रमुखता से चर्चा हुई।

प्रमुख शहरों में जल्द होगा ‘डिजीदुकान’ का विस्तार

बैठक का एक प्रमुख आकर्षण डिजिटल कॉमर्स पहल ‘डिजीदुकान’ रही, जिसका उद्देश्य किराना स्टोरों और छोटे खुदरा विक्रेताओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में सक्रिय भागीदारी देना है।

बोर्ड ने बताया कि 19 जून 2026 को राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा जयपुर में ‘डिजीदुकान’ की सफल शुरुआत की गई थी, जिसे व्यापारियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

इसी सफलता को देखते हुए अब इस पहल को मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ राष्ट्रव्यापी स्तर पर लागू करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

व्यापारियों की प्रमुख चिंताएं और जीएसटी सरलीकरण पर मंथन

बैठक के दौरान देश भर के व्यापार संघों और वाणिज्य मंडलों के प्रतिनिधियों ने कई अहम मुद्दे उठाए, जिन पर बोर्ड ने नीतिगत समाधान निकालने का आश्वासन दिया। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:

  • जीएसटी (GST) का युक्तिकरण: अनुपालन प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाना।

  • व्यावसायिक दायित्व: पुराने व्यावसायिक दायित्वों के निपटान के लिए एक स्पष्ट तंत्र विकसित करना।

  • डिजिटल और बैंकिंग सुगमता: व्यापारियों के लिए किफायती ऋण तक पहुंच, लेनदेन शुल्क में कमी और ओएनडीसी (ONDC) एकीकरण।

  • सामाजिक सुरक्षा: व्यापारियों के लिए पेंशन, सामाजिक सुरक्षा उपाय और महिला उद्यमियों को विशेष समर्थन।

  • अन्य मुद्दे: क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) प्लेटफार्मों से स्थानीय व्यापार को होने वाली चुनौतियों का समाधान और खाद्य सुरक्षा अनुपालन (FSSAI) में सुगमता।

निर्यात प्रतिस्पर्धा और संस्थागत समर्थन पर जोर

बोर्ड ने भारत को एक वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी व्यापारिक राष्ट्र बनाने के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) की निर्यात में भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह अवसंरचना और निर्यात प्रोत्साहन उपायों को मजबूत करने के लिए विषयगत समितियों (Thematic Committees) और कार्य समूहों के गठन की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।

अब तक व्यापारियों और मंत्रालयों के बीच 92 राष्ट्रव्यापी साप्ताहिक वर्चुअल संवाद हो चुके हैं, जो निरंतर जारी रहेंगे।

पीएम मोदी के सुशासन पर पारित हुआ विशेष प्रस्ताव

बैठक में भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर श्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने के लिए एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया।

उनके 12 वर्षों से अधिक के निरंतर सेवाकाल में सुशासन, आर्थिक सुधार, जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी और समावेशी विकास के प्रति उनके विजन की सराहना की गई।

बदलाव की ओर बढ़ता भारत

अध्यक्ष श्री सुनील जे. सिंघी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक दशक में हुए परिवर्तनकारी सुधारों—जैसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और व्यापार करने में सुगमता (Ease of Doing Business)—ने भारत के आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह से बदल दिया है।

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में सक्रिय योगदान देते हुए व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम करने का अपना दृढ़ संकल्प एक बार फिर दोहराया है।