Pension Adalat organized by Pr CCA Office in Delhi for BSNL and MTNL pensioners

दिल्ली में पेंशन अदालत संपन्न: BSNL, MTNL पेंशनर्स को राहत

प्रधान संचार लेखा नियंत्रक कार्यालय दिल्ली ने लगाई ‘पेंशन अदालत’, BSNL और MTNL के पेंशनभोगियों को मिली बड़ी राहत”

नई दिल्ली: द  पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को उनके हक और लाभ समय पर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है।

दिल्ली स्थित प्रधान संचार लेखा नियंत्रक (Pr. CCA) कार्यालय ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए आज एक बेहद सफल ‘पेंशन अदालत’ का आयोजन किया।

इस अदालत का मुख्य उद्देश्य दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े पेंशनभोगियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान करना था।

इन विभागों के पेंशनर्स को मिला लाभ

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस पेंशन अदालत में मुख्य रूप से तीन बड़े विभागों के पूर्व कर्मचारियों की शिकायतों को सुना गया:

  • भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL)
  • महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL)
  • दूरसंचार विभाग (DoT)

इस महत्वपूर्ण पेंशन अदालत की अध्यक्षता संयुक्त संचार लेखा नियंत्रक (पेंशन) श्री रजत त्रिपाठी ने की।

इस अवसर पर उनके साथ सहायक संचार लेखा नियंत्रक (पेंशन) श्री श्याम लाल दास भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पेंशनर्स की एक-एक समस्या को विस्तार से सुना।

मौके पर ही हुआ कई मामलों का निपटारा

पेंशन अदालत ने वृद्ध पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन का लाभ ले रहे आश्रितों के लिए एक बेहद प्रभावी मंच के रूप में काम किया। इस दौरान जिन प्रमुख मुद्दों और शिकायतों पर सुनवाई हुई, उनमें शामिल हैं:

  • पेंशन भुगतान में हो रही देरी।
  • पेंशन का रूपांतरण (Commutation)।
  • पेंशन अथॉराइजेशन (Authorization) और संशोधन (Revision)।
  • पारिवारिक पेंशन (Family Pension) से जुड़े जटिल मामले।

सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि अधिकारियों द्वारा कई मामलों की मौके पर ही जांच की गई और उनका तत्काल निपटारा कर दिया गया।

जिन मामलों में गहन कागजी कार्रवाई की आवश्यकता थी, उन्हें त्वरित कार्रवाई (Quick Action) के लिए संबंधित विभागों को आगे बढ़ा दिया गया है।

भविष्य में भी जारी रहेगी सुविधा

दिल्ली स्थित प्रधान सीसीए (Pr. CCA) कार्यालय ने यह स्पष्ट किया है कि वे अपने पेंशनभोगियों को समयबद्ध और कुशल सेवा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

विभाग की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि पेंशनभोगियों के कल्याण और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकट भविष्य में भी इस प्रकार की ‘पेंशन अदालतों’ का नियमित आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि किसी भी वरिष्ठ नागरिक को अपने अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।