हिमाचल समाचार – आसान नहीं था लापता लोगों को ढूंढने का काम, विपरीत परिस्थितियों में भी लापता लोगों की खोज जारी रही

“फाइल फोटो “

“इस अभियान में एनडीआरएफ के समक्ष बड़ी चुनौतियां सामने आई। हालांकि सभी ने मिलकर इसे पार कर लिया। मशीनरी के अभाव में रैट माइनिंग मैथड़ से ही मलबा हटाया गया”

मंडी 07 /08 /2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

चौहार घाटी के राजबन गांव में बादल फटने की घटना में लापता लोगों को ढूंढने के लिए चलाए खोज अभियान में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन एनडीआरएफ जवानों समेत अन्य ने हौसला नहीं हारा।

विपरीत परिस्थितियों में भी लापता लोगों की खोज जारी रही। पांच दिन तक रोड कनेक्टिविटी और मशीनरी न पहुंचने के चलते रैट माइनिंग मैथड से ही खोज अभियान चला।

जवानों और अन्य ने हाथों में गैंती फावड़ा उठाकर मलबा हटाया और लापता लोगों की तलाश की। राजबन गांव में घटनास्थल में करीब 70 से 80 मीटर क्षेत्र में खोज अभियान में खोजी कुत्ते मददगार साबित हुए हैं।

दो खोजी कुत्तों और तीन हैंडलर भटिंडा से बुलाए गए हैं। खोजी कुत्तों की बताई लोकेशन के आधार पर भी सर्च ऑपरेशन आगे बढ़ा। इस अभियान में एनडीआरएफ के समक्ष बड़ी चुनौतियां सामने आई।

हालांकि सभी ने मिलकर इसे पार कर लिया। मशीनरी के अभाव में रैट माइनिंग मैथड़ से ही मलबा हटाया गया। 70 से 80 मीटर के क्षेत्र में इस तरह खोज करना किसी चुनौती से कम नहीं था।

इस तरह की स्थिति के बीच खराब मौसम भी बना रहा। खराब मौसम ने भी मुश्किलें बढ़ाईं, जबकि ठंडे पानी के बीच दिनभर खोज करना भी बड़ी बाधा थी।

पानी के बीच लंबे समय तक पांव रखना भी मुश्किल हो रहा था, लेकिन एनडीआरएफ जवान और अन्य जुटे रहे। एनडीआरएफ के 33 जवानों समेत अन्य लोग इस सर्च ऑपरेशन में कई बाधाओं का सामना करते हुए आगे बढ़े।

छठे दिन सड़क दुरुस्त करते हुए मशीनरी मौके पर पहुंची तो राहत मिली। 33 जवानों की रहने की व्यवस्था गांव छोटा होने के कारण नहीं हो पाई।

ऐसे में रोजाना एकतरफा सात किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। दोनों तरफ 14 किलोमीटर का पैदल सफर हुआ। अमूमन अन्य कई घटनाओं में अदम्य साहस दिखा चुके एनडीआरएफ के जवान एक से दो किमी ही पैदल करते थे।

इस अभियान में रोड कनेक्टिविटी न होना भी बड़ी बाधा बनी। इन बाधाओं को दूर करने के लिए ही मौके पर प्रशासनिक अधिकारी व ग्रामीण भी जुटे रहे।

एनडीआरएफ टीम को लीड कर रहे नीरज भारती ने बताया कि राजबन में चल रहे सर्च ऑपरेशन में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, लेकिन जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार लापता लोगों को ढूंढने में जुटे रहे।

वहीं, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर सर्च ऑपरेशन को मॉनिटर कर रहे हैं। किसी भी तरह की कमी पर तुरंत समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।

Santosh SETH

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