हिमाचल/मंडी समाचार – आपदा के 1 साल बाद भी सप्रेई पुल न बनने से ग्रामीणों को करना पड़ रहा दिक़्क़तों का सामना
“आपदा के 1 साल बाद भी सप्रेई पुल न बनने से काले पानी जैसी सजा काट रहे ग्रामीण बीते साल की बरसात में ब्यास नदी में बह गया था दो पंचायतों को हाईवे से जोड़ने वाला पुल”
“हाईवे तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर हो रहे ग्रामीण और बच्चे, 5 किमोमीटर पैदल चलकर पहुंचना पड़ रहा पंडोह”
मंडी 06 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
पिछले साल मंडी जिला में ब्यास नदी की भंयकर तबाही से कई पुल धवस्त हो गए थे। इनमें से एक पुल द्रंग विधानसभा के सप्रेई में भी था जो करीब 10 गांवों को नेशनल हाईवे और मुख्य कस्बे पंडोह के साथ जोड़ने का काम करता था।
बीते साल 9 जुलाई को जब यह पुल ब्यास नदी में समाया तो केंद्र में सत्ताधारी दल के साथ विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय नेता भी सप्रेई गांव पहुंचे और जल्द ही यहां पुल बनाने के वादा किया था।
लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी पुल के न बनने से ग्रामीण काले पानी की तरह सजा भुगतने को मजबूर हैं।
पुल न होने से ग्रामीणों को संकरे रास्तों से 5 किलोमीटर पैदल चलकर पंडोह, 9 मील और नेशनल हाईवे तक पहुंचना पड़ रहा है।
पिछले एक साल से स्कूली बच्चे व ग्रामीण जान जोखिम में डालकर ब्यास नदी के उपर बने संकरे रास्तों को पार कर रहे हैं।
तीन दिन पहले हुए भूस्खलन से यह रास्ता भी अब बंद हो गया है, जिससे अब ग्रामीण अपने गांव में ही कैद हो गए हैं।
सप्रेई गांव निवासी नेहा, संजय व देवराज ने बताया कि पुल न होने से दो पंचायतों के लोगों को खासी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।
9 मील व पंडोह जाने के लिए जो संकरा रास्ता है वह भी खतरे से खाली नहीं है। इस रास्ते पर दो झरने बह रहे हैं और साथ ही लगातार भूस्खलन भी हो रहा है।
जिस कारण पिछले तीन दिनों से कोई भी ग्रामीण बाजार नहीं जा पाया है और अब गांव में राशन की भी कमी होने लग गई है।
ग्रामीणों ने इन रास्तों को खोलने के साथ गांव के लिए सड़क व सप्रेई पुल जल्द से जल्द बनाने की मांग उठाई है।
मासड पंचायत के प्रधान लोकपाल ने बताया कि सप्रेई पुल मासड पंचायत के 6 और शिवाबदार पंचायत के 4 गांवों को आपस में जोड़ता था।
लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी इस पुल का निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। इस पुल के निर्माण को लेकर ग्रामीण द्रंग के विधायक पुर्ण चंद ठाकुर सहित ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार को कई बार अवगत करवा चुके हैं।
प्रदेश सरकार सब जगह पुलों का निर्माण करवा रही है, लेकिन उनकी पंचायत की लगातार अनदेखी की जा रही है।











