लेबनान – हजारों पेजर में एक साथ विस्फोट, ईरानी राजदूत और 2700 से अधिक हिजबुल्ला के सदस्य घायल

“सांकेतिक चित्र “

“लेबनान की राजधानी में हिजबुल्ला के सदस्यों के हजारों पेजर में विस्फोट हुआ है। इस धमाके में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ईरानी राजदूत और 2700 से अधिक हिजबुल्ला के सदस्य घायल हुए हैं”

नई दिल्ली 17 / 09 / 2024 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 

लेबनान की राजधानी में हिजबुल्ला के सदस्यों के हजारों पेजर में विस्फोट हुआ है। इस धमाके में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2700 से ज्यादा हिजबुल्ला के सदस्य इस धमाके में घायल हुए हैं।

वहीं हिज्बुल्ला ने पेजर विस्फोट के लिए इस्राइल को दोषी ठहराया है। हिजबुल्ला के मुताबिक ये अपने आप में पहली और सबसे बड़ी सुरक्षा चूक है।

लेबनान में ईरान के राजदूत भी घायल

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस घटना में लेबनान में ईरान के राजदूत मोजतबा अमानी भी घायल हुए हैं। वहीं हिज्बुल्ला के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह सबसे बड़ा सुरक्षा उल्लंघन है।

हिजबुल्ला के गढ़ में पेजर के लेटेस्ट मॉडल में हुए विस्फोट

वहीं सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, जिन पेजरों में विस्फोट हुआ है, वे लेटेस्ट मॉडल थे, उन्हें हिज्बुल्ला की ओर से लाया गया था। इन धमाकों के बाद बेरूत के दक्षिणी इलाकों में मौजूद तमाम अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।

एक सूत्र के अनुसार बेरूत के दक्षिण लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में हिजबुल्ला के गढ़ में सैकड़ों हिजबुल्ला सदस्य अपने पेजर में विस्फोट के कारण घायल हुए हैं।

हसन नसरुल्ला ने स्मार्टफोन न इस्तेमाल करने की थी अपील

बता दें कि कुछ महीने पहले ही हिजबुल्ला के नेता हसन नसरुल्ला ने अपने लड़ाकों से स्मार्टफोन इस्तेमाल न करने की अपील की थी, क्योंकि इस्राइल के पास स्मार्टफोन को हैक या उसमें से जानकारी निकालने की तकनीक है।

इस वजह से ही हिजबुल्ला ने अपने संचार माध्यम को बेहतर बनाने के लिए स्मार्टफोन की जगह पेजर का सहारा लिया था।

‘पेजर से पहले की गई होगी छेड़छाड़’

मामले में एक राजनीतिक विश्लेषक एलिजा मैग्नियर ने कहा कि हिजबुल्ला इस्राइल को अपने संचार व्यवस्था को बाधित करने से रोकने के लिए पेजर पर बहुत अधिक निर्भर है।

उन्होंने ये भी अनुमान लगाया कि हिजबुल्ला सदस्यों को दिए जाने से पहले पेजर के साथ छेड़छाड़ की गई होगी। एलिजा मैग्नियर ने बताया कि ये कोई नई तकनीक नहीं है। इसका इस्तेमाल पहले भी किया जा चुका है।

फिलहाल इस हमले के बारे में इस्राइली सेना ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है। बता दें कि हमास ने पिछले साल अक्तूबर में इस्राइल पर हमला किया था, जिसके बाद गाजा युद्ध शुरू हो गया था।

इसके बाद से ही हिजबुल्ला ने सहयोगी हमास के समर्थन में इस्राइल के खिलाफ हमले किए हैं।

“चौंकाने वाली बात यह है कि इस हमले में न किसी हवाई जहाज का इस्तेमाल हुआ और न ही बंदूकों या बम का। बल्कि इस बार निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल हुए पेजर”

वही, पेजर जिनका मोबाइल के आने के बाद से इस्तेमाल बहुत कम या न के बराबर हो चुका है। हालांकि, सुरक्षित मैसेज सेवा के लिए कुछ संगठन आज भी इस तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि हिज्बुल्ला के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए इस सुरक्षित तकनीक को ही घातक बना दिया गया।

बताया गया है कि लेबनान में एक ही समय पर एक साथ हजारों पेजर फट गए। इनमें हिज्बुल्ला के सैकड़ों सदस्यों के घायल होने की खबर है। जख्मियों में लेबनान में ईरान के राजदूत मोज्तबा अमानी भी शामिल हैं।

रिपोर्ट्स की मानें तो हिज्बुल्ला सदस्यों को निशाना बनाते हुए यह हमला राजाधानी बेरूत के उपनगरीय क्षेत्र दाहिये में हुआ। हमले में लेबनान की बेका घाटी के अली अल-नाहरी और रियाक के शहर को निशाना बनाया गया। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान के सिदोन और टायर शहर में भी कई पेजर में धमाकों की आवाजें सुनीं गईं।

कोई बाजार में, कोई कहीं था, अचानक धमाका हुआ और लोग घायल होकर नीचे गिरने लगे 

इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। धमाके से ठीक पहले और पूरी घटना को दिखाने वाले इन वीडियो में लोगों को फल-सब्जी के बाजारों में देखा जा सकता है।
 
इस बीच अचानक ही बीच में एक धमाका होता है और एक व्यक्ति जमीन पर गिरकर दर्द में चिल्लाता दिखता है। इस दौरान वहां मौजूद लोगों को डर के मारे अपनी जगह पर खड़ा देखा जा सकता है। 

एक अन्य सिक्योरिटी कैमरा फुटेज में एक शख्स को दुकान पर पेमेंट करते देखा गया। इसी दौरान उसके पास धमाका होता है और कैमरे में धुएं की बड़ी लहर देखी जा सकती है।

 
वहीं एक और वायरल वीडियो में एक व्यक्ति पेजर ब्लास्ट के बाद बेडरूम में तबाही के हालात दिखाता है। इसमें मेज की दराज में ऊपर-नीचे बड़े छेदों को देखा जा सकता है। इससे शीशा टूटते और कमरे में मलबा गिरा हुआ देखा जा सकता है।
 
पेजर ही क्यों?
 
गौरतलब है कि हिज्बुल्ला के नेता हसन नसरल्ला ने कुछ समय पहले ही संगठन के सदस्यों को चेतावनी दी थी कि वह मोबाइल फोन लेकर न घूमें।
 
ताकि इस्राइल उनकी गतिविधियों को तकनीक के जरिए ट्रैक न कर सके और संगठन के लोगों को निशाना बनाकर हमला न कर सके। 
एक स्वतंत्र सैन्य और राजनीतिक विश्लेषक इलाइजा मैग्नियर ने बताया कि सदस्यों के लिए संचार का एक अहम माध्यम पेजर हैं। उन्होंने अंदाजा लगाया कि इन पेजर्स को हिज्बुल्ला के सदस्यों को दिए जाने से पहले ही इनके साथ छेड़छाड़ की गई।
 
उन्होंने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है। ऐसा पहले भी किया जा चुका है। उन्होंने किसी तीसरे देश/एजेंसी की संलिप्तता की आशंका जताते हुए कहा कि इस मामले में कोई तीसरा पक्ष शामिल है, जिसने हमलावर की पेजर तक पहुंच बनाने में मदद की ताकि धमाकों के सिग्नल भेजे जा सकें।
 
पेजर में धमाके कैसे संभव हुए?
 
हिज्बुल्ला के सदस्यों ने जो नए पेजर खरीदे थे, उनमें लिथियम बैटरियों का इस्तेमाल होता है। इन्हीं बैट्रियों के फटने के चलते संगठन के हजारों सदस्य घायल हो गए।
 
बता दें कि लिथियम बैट्री जब ओवरहीट कर जाती हैं तब इनसे धुआं निकलता है या ये गल जाती हैं। कई बार इनमें अचानक धमाके के साथ आग भी लग जाती है।
 
रिचार्ज की जा सकने वाली लिथियम बैट्रियां मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप और इलेक्ट्रिक कारों में भी इस्तेमाल की जाती हैं। यह 590 डिग्री सेल्सियस (1100 डिग्री फारहेनहाइट) पर आग पकड़ सकती हैं। 
एक रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान के संगठन हिज्बुल्ला के पास संचार के लिए जो पेजर्स थे, उन्हें हैक किया गया और इन्हीं में धमाके किए गए।
 
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पेजर के सर्वर में सेंध लगाई गई और इसमें एक ऐसी स्क्रिप्ट डाली गई, जिससे पेजर में प्रोग्राम ओवरलोडिंग हुई।
 
इससे डिवाइस में ओवरहीटिंग की समस्या पैदा हो गई और इसमें लगी लिथियम बैट्री में विस्फोट हो गया। इन धमाकों की गंभीरता पेजर्स के इस्तेमाल और इन्हें कहां रखा गया है, इस पर भी निर्भर करती है। 

हिज्बुल्ला के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह सबसे बड़ा सुरक्षा उल्लंघन है, जो कि इस्राइल से संघर्ष शुरू होने के एक साल के भीतर हुआ है। यह घटना इस्राइल-हमास संघर्ष से ज्यादा गंभीर है।

 
इस हमले के मायने क्या हैं?
 
यह घटना ऐसे समय में आई है, जब इस्राइल और गाजा पट्टी में सक्रिय संगठन हमास के बीच संघर्ष जारी है। इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जाने के बाद हिज्बुल्ला भी इस युद्ध में कूद गया। लेबनान और इस्राइल के बीच लगभग हर दिन ही मिसाइल और रॉकेट हमलों की खबर आती है। 
बेरूत में अमेरिकी यूनिवर्सिटी के फेलो रामी खौरी ने बताया कि यह धमाके हिज्बुल्ला की मानसिक स्थिति को बिगाड़ने के लिए काफी हैं।
 
हिज्बुल्ला के लिए यह वर्षों में सबसे खतरनाक घटना है, क्योंकि इस्राइल के पास हमले की वो क्षमताएं और खुफिया तंत्र है, जो इंसान के सोचने के दायरे को भी पार कर देता है।
 
उन्होंने कहा कि लेबनान की अर्थव्यवस्था बर्बादी की कगार पर है। देश लगभग दिवालिया हो चुका है। अस्पतालों में दिक्कतें हैं। डॉक्टर और नर्सों की भारी कमी है। तो यह हमला अपने आप में ही चिंता पैदा करने वाला है।
 
पेजर होते क्या हैं?
 
ये छोटे रेडियो रिसीवर जैसे होते हैं जिसे आप अपने साथ लेकर चल सकते हैं। इसमें हर उपभोक्ता का एक निजी कोड होता है जिसे लोग संदेश भेजने के लिए दूसरों को दे सकते हैं। हर संदेश पेजर की स्क्रीन की एक तरफ फ्लैश होता है।
 
बीप की आवाज के साथ फ्लैश होने के चलते इसे बीपर भी कहा जाता था। इसे 1950-60 के दशक में विकसित किया गया लेकिन 80 के दशक में यह तेजी से लोकप्रिय हुआ लेकिन मोबाइल फोन ने इसे चलन से बाहर कर दिया। बावजूद इसके पेजर का इस्तेमाल आज भी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
 
पेजर आज भी प्रचलित क्यों है?
 
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में काम करने वाले एक लाख 30 हज़ार लोग विश्व के बचे हुए दस प्रतिशत पेजरों का इस्तेमाल करते हैं।
 
एक अध्ययन के मुताबिक साल 2018 में ब्रिटेन के 80% अस्पतालों में पेजरों का इस्तेमाल अब भी किया जा रहा था। क्यों? क्योंकि इनका रिसेप्शन यानि नेटवर्क बेहतर होता है। कुछ अस्पतालों के कमरे एक्सरे को रोकने की दृष्टि से बनाये जाते हैं।
 
इससे कमरे के अंदर टेलीफोन सिग्नल नहीं आते। पेजर के रेडियो सिग्नल बहुत अच्छे होते हैं और आपातस्थिति में इसलिए उपयोगी साबित होते हैं।
 
 

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