यूपी पुलिस भर्ती – दोस्त के भाई की जगह परीक्षा देने आया पीएसी में तैनात सिपाही, मामला खुला तो मचा हंगामा

“यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में बलरामपुर से दो सॉल्वर गिरफ्तार हुए। खास बात यह है कि यह दोनों ही पुलिस वाले हैं। ये दोनों ही दोस्त के भाई को पास कराने के लिए आए थे”

बलरामपुर 26 / ०८ / 2024 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 

जिले के सात केंद्रों पर सिपाही भर्ती परीक्षा हो रही है। प्रति पाली 2928 अभ्यर्थी आवंटित हैं। यहां पुरुष वर्ग में राजस्थान व बिहार के अभ्यर्थी भी हैं। बालिका वर्ग में आसपास के जिलों की अभ्यर्थी हैं।

परीक्षा को लेकर पुलिस महकमे ने व्यापक प्रबंध का दावा किया। हर केंद्र पर तीन स्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है।

एक एएसपी के साथ ही तीन सीओ व 16 निरीक्षकों की टीम लगाई गई। सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है।

इन सबके बीच शनिवार को शहर के वीर विनय चौराहा स्थित एमपीपी इंटर कॉलेज में सॉल्वर गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ने के 24 घंटे बाद पुलिस ने रविवार को सार्वजनिक किया।

परीक्षा दे रहा पीएसी अलीगढ़ में तैनात सिपाही श्रीभगवान अपने दोस्त के भाई गजेंद्र सिंह को पास कराने के लिए उसकी जगह पर आया था।

केंद्र के बाहर पकड़े गए मददगार सिपाही साथी व मूल अभ्यर्थी तीनों एक ही जिले के रहने वाले हैं। परीक्षा पास कराने में लेनदेन की क्या बात हुई थी, पुलिस इसकी जांच कर रही है।

जांच में सामने आया कि अलीगढ़ पीएसी 45वीं बटालियन में तैनात सिपाही श्रीभगवान निवासी खुड़ीला थाना राजखेड़ा जिला धौलपुर राजस्थान अपने दोस्त के भाई गजेंद्र सिंह को पास कराने के लिए उसके स्थान पर परीक्षा देने आया था।

उसके साथ मथुरा एसएसएफ में तैनात आरक्षी गोविंद सिंह भी था। अब पुलिस पता लगाने में जुटी है कि कौन-कौन लोग इस रैकेट में शामिल हैं।

एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव का कहना है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।

आखिर 24 घंटे क्यों खामोश रही पुलिस

हर घटना के राजफाश होते ही ब्रीफिंग करने वाली पुलिस ने इस मामले को 24 घंटे तक दबाए रही। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जानकारी दी गई।

पहले पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। यहां तक कि पुलिस ने साल्वरों की फोटो तक नहीं जारी की।

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