छत्तीसगढ़ – कबीरधाम के ग्राम लोहारी डीह ग्रामीणों द्वारा घर को घेर कर लगाई आग, जिन्दा जला युवक
“कबीरधाम जिले के रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोहारी डीह में एक युवक की मौत के बाद दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने घर को घेर कर लगाई आग, घटना में युवक ज़िंदा जला”
रायपुर 16 / 09 / 2024 (शब्द) कृष्णा सोनी की रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि स्थानीय ग्रामीणों ने इस गांव के एक ग्रामीण पर युवक की मौत का आरोप लगाते हुए उसके घर को घेर कर आग लगा दिया, जिसमें घर तो खाक हो ही गया साथ ही साथ घर के मुखिया की भी आग के चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई वहीं उनका एक बच्चा अभी भी लापता बताया जा रहा है।
घर के अन्य सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अभिषेक पल्लव भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं खबर यह भी है कि आक्रोशित भीड़ ने पुलिस बल को गांव के बाहरी रोक दिया था और उन पर पथराव भी किया था।
इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए अभी तक लगभग 80 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। इस नक्सल प्रभावित और वनांचल ग्राम से निकलकर आई खबर के मुताबिक रविवार को सुबह स्थानिय ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र से दूर एक पेड़ में इस गांव के एक युवा शिवकुमार साहू का फांसी के फंदे में लटका हुआ शव देखा।
घटनास्थल तथा शव की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों का मनाना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है और इसी गांव के रघुनाथ साहू ने आपसी रंजिश के चलते घटना अंजाम दिया है।
इस बात की आशंका व्यक्त करते हुए आक्रोषित ग्रामीणों की भीड़ सीधे रघुनाथ के घर पहुंच गई और हंगामा करते हुए उन्होंने रघुनाथ के घर को आग के हवाले कर दिया।
बताया जाता है कि जिस समय ग्रामीणों ने घर को आग के हवाले किया उस समय रघुनाथ और उसका परिवार के लोग घर में ही मौजूद थे। जिसके चलते रघुनाथ की आग के चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई वही उसका एक और छोटा बच्चा लापता बताया जा रहा है।
वही घर के अन्य सदस्यों ने जैसे-तैसे भाग कर अपनी जान बचाई है खबर यह भी है कि घर में आग लगने के बाद एक बड़ा विस्फोट भी हुआ जिससे आग पूरे घर में फैल गई।
आक्रोशित ग्रामीणो के इस उत्पात को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल रेंगाखार पुलिस को दी गई। वहीं रेंगाखर पुलिस ने इस मामले से जिला पुलिस प्रशासन को अवगत कराया।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अभिषेक पल्लव भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे थे।
लेकिन पुलिस प्रशासन पर पथराव किया गया। बताया जा रहा है कि इस सारी वारदात के बाद मौके पर दलबल के साथ पहुंचे एसपी अभिषेक पल्लव और पुलिस बल को आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के बाहर ही रोक दिया।
जब पुलिस गांव के अंदर दाखिल होने की कोशिश कर रही थी तो ग्रामीणों ने पुलिस बल के अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की करते हुए पथराव भी किया।
जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए साथ ही साथ पुलिस अधीक्षक को भी चोट लगी है। जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ाते हुए आगे की कार्रवाई की और गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया ।
इस घटना को अंजाम देने वाले 80 ग्रामीणों को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार कर लिया है। पांच ग्रामीणों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
घटना स्थल से पुलिस ने एक ग्रामीण का जला हुआ शव बरामद किया है । वहीं पूरे घर की तलाशी ली गई है। मामले में ठोस धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पर्याप्त सुरक्षा बल अभी भी तैनात है। बाइट पीड़ित परिवार के सदस्य 02 dr अभिषेक पल्लव पुलिस अधीक्षक कबीरधाम











