उत्तर प्रदेश – या तो पाकिस्तान का भारत में विलय होगा या इतिहास से समाप्त होगा – योगी आदित्यनाथ

“उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यदि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने दृढ़ता का परिचय दिया होता तो दुनिया की कोई ताकत इस अप्राकृतिक विभाजन को मूर्त रूप नहीं दे पाती”
लखनऊ 14 / 08 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस बुधवार को मनाया गया। इसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति मौन पदयात्रा’ निकली।
मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। इसके बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रतिमा स्थल से प्रारंभ होकर पदयात्रा लोकभवन तक पहुंची।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथ में तख्ती लेकर चल रहे थे। इसमें त्रासदी का दंश झेलने वालों की पीड़ा बयां की थी।
लोकभवन में पहुंचने के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन विभीषिका की त्रासदी पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
विभाजन विभीषिका स्मृति मौन पदयात्रा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, बलवीर सिंह औलख, विधायक योगेश शुक्ल, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, अनूप गुप्ता, उमेश द्विवेदी, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि “जो 1947 में हुआ था, वही अब पाकिस्तान में हो रहा है” और वही बांग्लादेश में भी हो रहा है।
दरअसल, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को योगी संबोधित कर रहे थे। इस दौरान योगी ने कहा कि या तो पाकिस्तान का भारत में विलय होगा या पाकिस्तान इतिहास से समाप्त होगा, हमेशा के लिए समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि जो गलतियां इतिहास के काले अध्याय के रूप में हमारे सामने कैद हैं, वही गलतियां चुनाव के समय राजनीतिक दल करते हैं। जो पहले जातिवाद के नाम पर होता था, वही कारनामे आज राजनीतिक दलों के स्तर पर किए जा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि 1947 के पहले महर्षि अरविंद ने उद्घोषणा की थी कि आध्यात्मिक जगत में पाकिस्तान कोई वास्तविकता नहीं है। उसका भारत में विलय होगा या पाकिस्तान हमेशा के लिए समाप्त होगा।
आध्यात्मिक जगत में जिसका वास्तविक अस्तित्व नहीं है, उसे नष्ट ही होना है। जाति, क्षेत्रीय, भाषाई विभाजन से उबरकर हमें राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करना होगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी के लिए तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि जो किसी युग में नहीं हुआ, वह कांग्रेस की सत्ता के प्रति अभिलिप्सा ने विभाजन की त्रासदी के रूप में प्रस्तुत किया और स्वतंत्र भारत को ऐसा नासूर दे दिया, जिसका दंश आज भी भारत आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के रूप में झेल रहा है।
योगी ने कहा कि यदि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने दृढ़ता का परिचय दिया होता तो दुनिया की कोई ताकत इस अप्राकृतिक विभाजन को मूर्त रूप नहीं दे पाती।
उन्होंने कहा कि येन-केन प्रकारेण सत्ता प्राप्त करने के लिए कांग्रेस ने देश को दांव पर लगा दिया गया। 1947 और इसके बाद से यह लगातार हो रहा है।
जब भी इनके हाथ में सत्ता में आई, इन लोगों ने देश की कीमत पर राजनीति की। इसकी कीमत जनता को लंबे समय तक चुकानी पड़ी है।
विभाजन की दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी हम सबको उन्हीं गलतियों की परिमार्जन की तरफ ध्यान आकृष्ट करती है।
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने इतिहास के काले अध्यायों से पर्दा उठाकर गलतियों के परिमार्जन के लिए रास्ता बनाने का आह्वान किया है। हमें इसी आह्वान के साथ जुड़ना है।
जो 1947 में हुआ, वही आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में हो रहा है। उस समय 10 लाख हिंदू-सिख काटे गए थे।
आज भी वही आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट, बहन-बेटियों संग अत्याचार, त्रासदी का दृश्य देख रहे हैं। डेढ़ करोड़ हिंदू बांग्लादेश में आज अस्मिता बचाने को चिल्ला रहे हैं।











