पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान में भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत?

“पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट के बीच भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पहुंचे हैं। यह तीनों जहाज लॉन्ग रेंज ट्रेनिंग डिप्लॉयमेंट के तहत फारस की खाड़ी पहुंचे हैं” 

पश्चिमी एशिया में इस्राइल, लेबनान और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर भारत चिंतित है और भारतीय विदेश मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुनः अपील की है।

वहीं पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट के बीच भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पहुंचे हैं। यह तीनों जहाज लॉन्ग रेंज ट्रेनिंग डिप्लॉयमेंट के तहत फारस की खाड़ी पहुंचे हैं।

बता दें कि मंगलवार रात को ही ईरान ने इस्राइल के ऊपर 180 मिलाइलें दागीं थीं, जिसके बाद से इस क्षेत्र में तनाव गहरा गया है। 

फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड का हिस्सा हैं तीनों युद्धपोत

भारतीय नौसेना से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय नौसेना के ये तीनों जहाज फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड (ITS) का हिस्सा हैं। इनमें आईएनएस तीर और आईएनएस शार्दुल नौसेना के हैं और एक आईसीजीएस वीरा भारतीय तटरक्षक बल का है।

फारस की खाड़ी में लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के हिस्से के रूप में ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पहुंचे हैं, जो सालाना होने वाली एक्सरसाइज का हिस्सा हैं।

भारतीय नौसेना ने बताया कि इन तीनों जहाज का बंदर अब्बास पहुंचने पर ईरान के आईआरआई शिप जेरह ने एस्कॉर्ट किया और स्वागत भी किया। 

मैरीटाइम पार्टनरशिप एक्सरसाइज में लेंगे हिस्सा

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता, कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक भारतीय नौसेना के ये तीनों जहाज ईरान दौरे के दौरान ईरान की नेवी के साथ मेरीटाइम सिक्योरिटी और इंटरऑपरेबिलिटी के साथ-साथ प्रोफेशनल एक्सचेंज, समुद्री साझेदारी अभ्यास, क्रॉस ट्रेनिंग विजिट और मैरीटाइम पार्टनरशिप एक्सरसाइज में हिस्सा लेंगे।

उन्होंने बताया कि यह यात्रा समुद्री सहयोग को मजबूत करने और आपसी समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

वहीं, ईरान में भारतीय नौसेना के जहाज पहुंचने पर ईरान में भारत के राजदूत रुद्र गौरव श्रेष्ठ ने ईरानी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ आईएनएस तीर का दौरा किया।

आईएनएस तीर, शार्दुल और वीरा के कमांडिंग ऑफिसर्स के साथ होर्मोजगन प्रांत के गवर्नर जनरल से मुलाकात की और भारत और ईरान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों के अवावा समुद्री हितों के मुद्दों पर चर्चा की।

वहीं, आईएनएस तीर के चालक दल ने बंदर अब्बास में आईआरआई नौसेना, मित्र देशों के सैन्य अताशे और भारतीय प्रवासियों के प्रतिनिधियों के लिए एक स्वागत समारोह का आयोजन किया। 

भारत के पास है चाबहार पोर्ट के संचालन की जिम्मेदारी

सूत्रों का कहना है कि पश्चिमी एशिया में जिस तरह से युद्ध के बादल छाए हुए हैं, ऐसे में भारतीय नौसेना के जहाजों का फारस की खाड़ी में पहुंचने को लेकर बेहद अहम कदम माना जा रहा है।

हमास, हिजबुल्लाह और हूती विद्रोहियों को सबक सिखाने के बाद इस्राइल जिस तरह से अब ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

ऐसे में ईरान के बंदरगाह पर भारतीय ट्रेनिंग जहाज का पहुंचना मायने रखता है। बता दें कि ईरान के चाबहार पोर्ट के संचालन की जिम्मेदारी भी भारत के पास है। 

इससे पहले, ईरान के ट्रेनिंग शिप बुशहर और टोनब ने साझा ट्रेनिंग के लिए 24 मार्च को मुंबई का दौरा किया था। ईरानी नौसेना के जहाज देना ने इस साल फरवरी में विशाखापट्टनम में हुई मल्टीनेशन नौसेना नेवल एक्सरसाइज-24 में भी हिस्सा लिया था।

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