PM Narendra Modi leading International Yoga Day 2026 mass celebrations

योग दिवस 2026: पीएम मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक भागीदारी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: 3 करोड़ से अधिक लोगों ने रचा इतिहास, दुनियाभर में गूंजा ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ का मंत्र”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) एक अभूतपूर्व वैश्विक कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ।

इस वर्ष ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ (Yoga for Healthy Aging) की थीम पर आयोजित इस महाआयोजन में सियाचिन के बर्फीले पहाड़ों से लेकर गहरे समुद्रों तक, और भारत की ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर वैश्विक मंचों तक योग का शानदार प्रदर्शन किया गया।

योग अब केवल एक शारीरिक अभ्यास न रहकर संपूर्ण विश्व के लिए स्वास्थ्य, सद्भाव और सामूहिक कल्याण का प्रतीक बन चुका है।

करोड़ों की जनभागीदारी और ‘योग संगम’ के आंकड़े

आयुष ग्रिड द्वारा विकसित ‘योग संगम’ पोर्टल के अनुसार, इस वर्ष देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 780 जिलों में 3.07 करोड़ से अधिक लोगों ने योग कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी दर्ज की।

इसके साथ ही 7.64 लाख से अधिक सरकारी, गैर-सरकारी और शैक्षणिक संगठन भी इस राष्ट्रव्यापी उत्सव का हिस्सा बने।

जनभागीदारी का एक शानदार नजारा पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ऐतिहासिक रेड रोड पर देखने को मिला, जहां 35,000 लोगों ने एक साथ योग किया।

देश के शीर्ष नेतृत्व और मंत्रालयों ने किया प्रेरित

भारत के शीर्ष नेतृत्व ने भी अलग-अलग स्थानों से देशवासियों का मार्गदर्शन किया। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में विशाल योग प्रदर्शन का हिस्सा बनीं, जबकि उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने लद्दाख के लेह में और लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने संसद भवन परिसर में योग सत्र का नेतृत्व किया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में 1,300 वरिष्ठ नागरिकों के साथ “वयो योग संगम” आयोजित किया गया, जिसने यह सिद्ध किया कि योग बढ़ती उम्र में भी गरिमामय और सक्रिय जीवन की कुंजी है।

सीमाओं पर योग: सशस्त्र बलों का शौर्य और अनुशासन

देश की रक्षा में तैनात जवानों ने भी योग दिवस को एक नए मुकाम पर पहुंचाया। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सेना के जवानों ने सियाचिन ग्लेशियर, कच्छ के रण और समुद्री नौसैनिक अड्डों पर योग किया।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने लद्दाख के पैंगोंग त्सो में 14,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर योगाभ्यास कर मानसिक दृढ़ता और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।

एशिया से लेकर गिनीज बुक तक रिकॉर्ड्स की झड़ी

वर्ष 2026 का योग दिवस कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स का गवाह बना। महाराष्ट्र के बुलढाणा में 5,000 प्रतिभागियों द्वारा ‘त्रिकोणासन’ और कान्हा शांति वनम में 6,000 लोगों द्वारा ‘भुजंगासन’ के एक साथ प्रदर्शन ने ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में जगह बनाई।

इसके अलावा, आयुष मंत्रालय के यूट्यूब चैनल पर वैश्विक ऑनलाइन योग सत्र को 4,35,831 दर्शकों ने एक साथ देखकर ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ स्थापित किया।

विरासत स्थलों से लेकर वैश्विक पटल तक भारत की छाप

“गंगोत्री से गंगासागर” अभियान के तहत 2,525 किलोमीटर की दूरी में गंगा किनारे के ऐतिहासिक घाटों पर योग का संदेश गुंजायमान रहा।

दिल्ली के लाल किले से लेकर, ओडिशा के कोणार्क मंदिर, कर्नाटक के हम्पी और तमिलनाडु के महाबलीपुरम तक देश की सांस्कृतिक धरोहरें योग के रंग में रंगी नजर आईं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के साथ-साथ अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और मिस्र जैसे देशों में भी बड़े पैमाने पर योग सत्र आयोजित किए गए।

‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने शारीरिक फिटनेस, मानसिक लचीलेपन और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को वैश्विक पटल पर एक बार फिर मजबूती से स्थापित कर दिया है।