दिल्ली में यमुना का जलस्तर 204 मीटर के करीब, प्रशासन अलर्ट
दिल्ली में फिर उफान पर यमुना: जलस्तर 204 मीटर के करीब पहुंचा, निचले इलाकों में प्रशासन अलर्ट”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश का सीधा असर अब देश की राजधानी दिल्ली पर दिखने लगा है।
हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है।
शनिवार को नदी का जलस्तर 204 मीटर के करीब पहुंच गया। तेज बहाव को देखते हुए दिल्ली प्रशासन सतर्क हो गया है और नदी किनारे व निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का असर
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल दिल्ली में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। लेकिन, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला अगर यूं ही जारी रहा, तो अगले कुछ दिनों में जलस्तर में भारी इजाफा हो सकता है।
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सोमवार को हथिनीकुंड बैराज से करीब 69 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
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वर्तमान में बैराज से करीब 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे का समय लगता है, इसलिए अगले एक-दो दिन तक यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
यमुना नदी के जलस्तर की स्थिति एक नजर में
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जलस्तर के पैमाने |
मीटर में स्तर |
वर्तमान स्थिति |
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वर्तमान जलस्तर (शनिवार) |
~204 मीटर |
अभी खतरे से नीचे |
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सीजन का अब तक का उच्चतम |
203.50 मीटर |
बुधवार रात को दर्ज |
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अलर्ट लेवल (चेतावनी) |
204.50 मीटर |
अभी नीचे है |
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खतरे का निशान (Danger Mark) |
205.33 मीटर |
अभी नीचे है |
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सुरक्षित निकासी स्तर (Evacuation) |
206 मीटर |
206 पर पहुंचते ही निचले इलाकों को खाली कराया जाता है |
(नोट: बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 203.37 मीटर दर्ज किया गया था।)
प्रशासन की अपील: नदी किनारे न जाएं लोग
यमुना के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों (जैसे खादर क्षेत्र) में रहने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
लोगों को नदी के किनारों से दूर रहने और सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।











