Finance Ministry clarifies no transaction charges for UPI users, P2P payments remain free.

UPI पेमेंट पर सरकार का बड़ा ऐलान: यूज़र्स के लिए रहेगा फ्री

UPI पेमेंट्स पर सरकार का बड़ा ऐलान: यूज़र्स के लिए रहेगा फ्री, बड़े मर्चेंट्स पर लग सकता है मामूली चार्ज”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर लगने वाले ट्रांज़ैक्शन चार्ज की अटकलों के बीच भारत सरकार (वित्त मंत्रालय) ने शनिवार को एक बड़ा स्पष्टीकरण दिया है।

सरकार ने साफ किया है कि आम यूज़र्स को UPI के ज़रिए पेमेंट करने पर कोई भी ट्रांज़ैक्शन चार्ज नहीं देना होगा।

पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन पूरी तरह से मुफ़्त बने रहेंगे। हालांकि, भविष्य में एक तय सीमा से अधिक लेनदेन करने वाले कुछ खास मर्चेंट्स (व्यापारियों) पर मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया जा सकता है।

आम जनता को बड़ी राहत: P2P ट्रांज़ैक्शन पूरी तरह मुफ्त

वित्त मंत्रालय ने UPI सेवाओं को लेकर नियम बिल्कुल स्पष्ट कर दिए हैं:

  • यूज़र्स के लिए कोई चार्ज नहीं: पेमेंट करने वाले आम ग्राहकों को किसी भी प्रकार का ट्रांज़ैक्शन शुल्क नहीं देना होगा।

  • P2P ट्रांज़ैक्शन मुफ्त: एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (Person-to-Person) के बीच होने वाले सभी लेनदेन पहले की तरह ही पूरी तरह से मुफ़्त रहेंगे।

व्यापारियों (Merchants) के लिए क्या हैं नए प्रावधान?

मंत्रालय ने जोर देकर कहा है कि ज़्यादातर मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन भी मुफ़्त ही रहेंगे। लेकिन, अगर भविष्य में MDR (Merchant Discount Rate) लागू किया जाता है, तो:

  • यह सभी पर एक साथ लागू नहीं होगा, बल्कि एक ‘तय सीमा’ (Threshold limit) से ऊपर के खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर ही लगेगा।

  • इसकी दरें डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले MDR से काफी कम और मामूली होंगी।

कब और कैसे तय होगा MDR?

वर्तमान में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ संसद में विचाराधीन है। इस बिल में ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ की धारा 10A में अहम बदलाव का प्रस्ताव है।

संसद से यह बिल पास होने के बाद, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अगुवाई वाली “UPI एंड सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमिटी” MDR लागू करने और उसकी दरों के बारे में अंतिम फैसला लेगी।

आखिर क्यों पड़ी इस संशोधन की जरूरत?

सरकार के अनुसार, देश में UPI ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम में हर दिन रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है।

  • इस विशाल नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने, साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने, धोखाधड़ी (Fraud) रोकने और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए बड़े और लगातार निवेश की जरूरत है।

  • इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पेमेंट सेक्टर में एक ऐसा रेवेन्यू मॉडल (Revenue Model) तैयार करना है जो खुद चल सके (Self-sustaining)।

  • इससे वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा मिलेगा और ज्यादा से ज्यादा कंपनियां इस सेक्टर में अपना कामकाज बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगी।