लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर युवाओं को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
विश्व युवा कौशल दिवस 2026: सीएम योगी ने लॉन्च किया ‘कौशल सारथी’, कहा- 2017 से पहले यूपी में सरकार ही सबसे बड़ा ‘अपशकुन’ थी”
लखनऊ: ‘विश्व युवा कौशल दिवस-2026’ के अवसर पर बुधवार को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए और पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा प्रहार भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने युवाओं के सुनहरे भविष्य के लिए कई बड़े लॉन्च किए:
मुख्यमंत्री ने ‘कौशल सारथी’ और ‘कौशल सेतु’ मॉड्यूल का शुभारंभ किया।
‘कौशलम’ नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया।
राज्य सरकार और विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के बीच कई अहम एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर भी हुए।
सीएम योगी ने उच्च वेतन पर नियुक्ति पाने वाले और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 ‘युवा आइकॉन’ को सम्मानित किया।
श्रेष्ठ कार्य करने वाले राजकीय आईटीआई, प्रशिक्षण प्रदाताओं और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी मंच पर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज पूरा उत्तर प्रदेश और सीएम योगी का काम दुनिया के लिए एक मॉडल बन गया है।
यूपी में निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों में भारी वृद्धि हुई है।
स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया के तहत इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप स्किल मैन पावर तैयार की जा रही है।
अब तक 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 10 हजार को नौकरी मिल चुकी है।
सीएम योगी ने स्किलिंग के लिए 3,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। साथ ही नई तकनीक से युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए टाटा ग्रुप के साथ एमओयू भी हुआ है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के नाते यूपी के पास सबसे ज्यादा युवा फोर्स है, जिसे स्किलिंग से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा, “2017 से पहले की सरकार ही सबसे बड़ा अपशकुन थी। उस समय न स्किल थी, न स्कूली शिक्षा। न बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी।”
उन्होंने कहा कि पहले सरकारी नौकरी निकलती भी थी, तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली में जुट जाती थी और अंततः कोर्ट को स्टे देना पड़ता था। प्रकृति की कृपा वाले इस प्रदेश को पहले बीमारू बना दिया गया था।
सीएम योगी ने कोरोना काल में लखनऊ में स्थापित किए गए DRDO सेंटर का जिक्र करते हुए कहा कि आज इस सेंटर की वजह से 500 से अधिक स्थानीय युवाओं को घर बैठे नौकरी मिली है और राज्य सरकार को भी करोड़ों की जीएसटी प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि हर जिले में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर स्किलिंग सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है।
विदेश में जाकर काम करने के इच्छुक युवाओं के लिए भी सरकार विशेष व्यवस्था कर रही है।
सीएम ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसे यूपी के होनहार युवाओं के दम पर ही हासिल किया जाएगा।
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