जौनपुर : मंगल क्लीनिक पर मनाया गया विश्व ऑटिज्म दिवस
“ख्यातिबद्ध संस्था सक्षम जिला जौनपुर काशी प्रांत के तत्वाधान में मंगल क्लिनिक न्यूरो साइकाइट्रिक सेंटर पर वर्ल्ड ऑटिज्म दिवस के उपलक्ष में संगोष्ठी का आयोजन हुआ”
जौनपुर 03 / 04 / 2025 सुनील कुमार की रिपोर्ट
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उत्तम गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष संयुक्त राष्ट्र (UN) 2 अप्रैल 2025 को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस (WAAD) मनाता है। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस सभी के लिए महत्वपूर्ण है। ऑटिज्म एक मानसिक विकलांगता के अंतर्गत आता है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 2007 में विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस की शुरुआत की थी। इसका मकसद लोगों को ऑटिज्म के बारे में जागरूक करना और इसे बेहतर तरीके से समझने में मदद करना था। पहले यह दिन सिर्फ जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता था लेकिन अब इसका मकसद ऑटिज्म से जुड़े लोगों को स्वीकार करना, उन्हें समाज में जगह देना और उनके योगदान को पहचानना भी है।
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) एक न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है जो सामाजिक संपर्क और व्यवहार को प्रभावित करती है। इसे स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण और गंभीरता व्यक्तियों में भिन्न होती है।
ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है बल्कि दुनिया को अनुभव करने का एक अलग तरीका है। ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्ति को औरों के साथ संवाद करने में दिक्कत होता है ऐसे व्यक्तियों का आईक्यू लेवल भी कम होता है प्राय: यह पाया जाता है कि ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्ति का किसी एक पार्टिकुलर एरिया में उनका इंटरेस्ट बहुत ज्यादा होता है जैसे कई लोग गायन में वादन में डांस में बहुत अच्छा करते हैं ।
ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्ति को सही समय पर मानसिक सपोर्ट साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट मिल जाता है तो यह अपना जीवन यापन सरलता पूर्वक कर सकते हैं। और इसके साथ होने वाली अन्य बीमारियां जैसे डिप्रैशन एंजायटी एपिलेप्सी और एडीएसडी का समय पर इलाज किया जाता है तो उनके मानसिक विकास में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम में डॉ उत्तम गुप्ता,डॉ साधना मौर्या, डॉ पीके सिंह, शशिभूषण पांडे, अजयचंद साहू, त्रिलोकी यादव, कर्मवीर सिंह, बिट्टू जी उर्वशी सिंह आराधना श्रीवास्तव डॉक्टर प्रहलाद जी सुधाकर दुबे इत्यादि लोग मौजूद रहे।











