Jaunpur Police Workshop

जौनपुर: जब थाने पहुंचे कॉलेज के छात्र, समझी पुलिस की कार्यप्रणाली; बक्शा थाने में SPEL कार्यक्रम का आयोजन

“अपराध और कानून व्यवस्था को सिर्फ किताबों में पढ़ने वाले कॉलेज के छात्रों ने सोमवार को पुलिस की वर्दी के पीछे की चुनौतियों और कार्यप्रणाली को करीब से जाना”

जौनपुर (ब्यूरो): THE POLITICS AGAIN : वरुण यादव की रिपोर्ट 

छात्र पुलिस अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम (SPEL) के तीसरे चरण के तहत बक्शा थाना परिसर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की इस पहल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुँवर अनुपम सिंह के निर्देशन और सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता व वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (VBSPU) के नोडल अधिकारी डॉ. सोमारु राम प्रजापति के समन्वय से संपन्न कराया गया।

5 कॉलेजों के छात्रों ने ली ट्रेनिंग

इस कार्यक्रम में जिले के पांच प्रमुख महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया:

  1. समरजीत एस.जे. पीजी कॉलेज

  2. धर्मा देवी पीजी कॉलेज

  3. माँ गुजराती पीजी कॉलेज

  4. श्री विद्याधर तिवारी महिला महाविद्यालय

  5. सल्तनत पीजी कॉलेज

साइबर सुरक्षा से लेकर FIR तक की जानकारी

बक्शा के धनियांमऊ चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक परमानंद त्रिपाठी और थाना स्टाफ ने छात्रों की ‘क्लास’ ली।

  • कानूनी पाठ: छात्रों को एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई।

  • सुरक्षा मंत्र: साइबर अपराध (Cyber Crime) से बचने के तरीके और हेल्पलाइन नंबरों (112, 1090) की जानकारी दी गई।

  • सामाजिक दायित्व: वृद्धा आश्रम, अनाथालय, नशा उन्मूलन केंद्र और ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों के बारे में जागरूक किया गया।

उद्देश्य: पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करना

नोडल अधिकारी डॉ. सोमारु राम प्रजापति ने बताया कि SPEL कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में अनुशासन, नैतिकता और नेतृत्व क्षमता (Leadership) विकसित करना है।

इससे युवाओं के मन से पुलिस का डर निकलेगा और वे एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर समाज में योगदान दे सकेंगे।

कार्यक्रम के अंत में छात्रों को थाना परिसर, हवालात, मालखाना और कार्यालयों का भ्रमण कराया गया।

इस मौके पर डॉ. प्रतीक रघुवंशी, एसआई अरविंद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी और शिक्षक मौजूद रहे।