पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी आज करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक

“मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शुक्रवार) राज्यों की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं”

नई दिल्ली, द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और विशेष रूप से ऊर्जा प्रवाह को सुचारू बनाए रखने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

• ऊर्जा सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य पर रहेगा विशेष फोकस

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान द्वारा महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिशों और ऊर्जा आपूर्ति पर इसके संभावित असर की समीक्षा करना है।

बैठक में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहे और केंद्र तथा राज्यों के प्रयासों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित हो।

• चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में नहीं होंगे शामिल

आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जिन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू है, वहां के मुख्यमंत्री आज की इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।

हालांकि, इन राज्यों में भी तैयारियों और समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से वहां के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी।

• ‘टीम इंडिया’ की भावना से चुनौतियों से निपटने की अपील

इससे पहले बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने भाषण में कहा था कि युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की संभावना है।

पीएम मोदी राज्य सरकारों को ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में केंद्र और राज्यों के सफल सहयोग को याद करते हुए, वर्तमान स्थिति में भी वैसी ही एकजुटता दिखाने का आह्वान किया है।

• देश में 2 महीने के लिए पर्याप्त तेल भंडार, घबराने की जरूरत नहीं

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आम जनता की चिंताओं को दूर करते हुए भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की ऊर्जा स्थिति स्थिर और पूरी तरह नियंत्रण में है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देश के पास अगले 60 दिनों (लगभग दो महीने) के लिए कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति है।

26 मार्च को पीआईबी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने आयात की अग्रिम व्यवस्था कर ली है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे तेल की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने से बचें।

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