आइसोलेटेड मरीज में पश्चिम अफ़्रीकी क्लैड 2 के एमपॉक्स वायरस की पुष्टि हुई

“सांकेतिक चित्र “
“पहले संदिग्ध माने गए एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) मरीज को यात्रा-संबंधी संक्रमण के रूप में सत्यापित किया गया है”
नई दिल्ली 10 / 09 / 2024 स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय द्वारा जारी
प्रयोगशाला परीक्षण में मरीज में पश्चिम अफ़्रीकी क्लैड 2 एमपॉक्स वायरस की पुष्टि हुई है। यह मामला एक अलग मामला है जो जुलाई 2022 के बाद से भारत में रिपोर्ट किए गए पहले के 30 मामलों के जैसा ही है।
और यह वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (डब्ल्यूएचओ द्वारा रिपोर्ट किया गया) का हिस्सा नहीं है जो एमपॉक्स क्लैड 1 के बारे में है।

इस युवा पुरुष ने हाल ही में एमपॉक्स प्रभावित देश की यात्रा की थी। वर्तमान में उसे एक निर्दिष्ट देखभाल पृथकवास सुविधा में रखा गया है। मरीज की हालत स्थिर है और उसे कोई भी गंभीर बीमारी या सह-रुग्णता नहीं है।

यह मामला पहले के जोखिम आकलन के अनुरूप है और मरीज का स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जा रहा है।

स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए, संपर्कों का पता लगाने और निगरानी सहित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय लागू किए गए हैं। इस समय लोगों के लिए किसी खतरे का कोई संकेत नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक उसने हाल ही में मंकीपॉक्स का संक्रमण झेल रहे एक देश की यात्रा की थी। फिलहाल उसे संक्रमण के लिए निर्धारित किए गए अस्पताल में आइसोलेट किया गया है।

रविवार को ही एक अन्य संदिग्ध रोगी का पता चला था हालांकि उसकी रिपोर्ट बाद में निगेटिव आई थी। एमपॉक्स के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को संदिग्ध व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने हाल ही में ऐसे देश की यात्रा की थी जहां इस रोग का भयंकर प्रकोप जारी है।

इस आधार पर देश में एमपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि यात्रा से संबंधित संक्रमण के रूप में हुई है। रोगी का आइसोलेशन में प्रोटोकॉल के अनुसार प्रबंधन और इलाज किया जा रहा है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, अन्य लोगों के लिए किसी व्यापक जोखिम का कोई संकेत नहीं है, इसलिए डरें या घबराएं नहीं। बस सभी लोगों को संक्रमण की रोकथाम को लेकर सावधान रहने की जरूरत है।

एमपॉक्स (मंकीपॉक्स), मंकीपॉक्स वायरस से होने वाला एक संक्रामक रोग है। इससे दर्दनाक दाने, बढ़े हुए लिम्फ नोड्स के साथ तेज बुखार हो सकता है। इसका प्रकोप मुख्यरूप से समलैंगिक, बाइसेक्सुअल लोगों में अधिक देखा जाता रहा है।

हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट में बताया, एमपॉक्स का संक्रमण यौन संपर्कों को अलावा प्रभावित वस्तुएं, संक्रमित के निकट संपर्क और शरीर के तरल पदार्थों के माध्यम से भी फैल सकता है।

संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं जैसे कपड़े, चादर, तौलिए आदि के इस्तेमाल से बचें। संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ या घाव के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। सामुदायिक तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

Santosh SETH

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