मुंबई में जल संकट: आज से 10% पानी की कटौती शुरू
मुंबई में गहराया जल संकट: आज से 10% पानी की कटौती लागू; BMC ने जारी की सख्त गाइडलाइंस, जानें किन इलाकों पर पड़ेगा असर”
मुंबई : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है।
भीषण गर्मी और शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों में तेजी से घटते जलस्तर को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एक कड़ा कदम उठाया है।
आज (15 मई) से पूरे मुंबई शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती (Water Cut) लागू कर दी गई है। यह अहम फैसला इसलिए लिया गया है ताकि आगामी मानसून के आने तक शहर में पीने के पानी का पर्याप्त भंडार सुरक्षित रखा जा सके।
किन-किन इलाकों पर पड़ेगा सीधा असर?
BMC द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस 10 प्रतिशत पानी कटौती का असर सिर्फ मुंबई शहर तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसका सीधा प्रभाव इन क्षेत्रों पर भी पड़ेगा:
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मुंबई महानगर (शहर और उपनगर)
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ठाणे (Thane)
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भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका क्षेत्र
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BMC से पानी प्राप्त करने वाले आस-पास के कुछ ग्रामीण इलाके।
आखिर BMC को क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
जल संकट का मुख्य कारण झीलों का सूखना और मौसम का पूर्वानुमान है:
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घटता जलस्तर: मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों में फिलहाल कुल उपयोगी जलसंचय (Water Stock) गिरकर मात्र 23 से 28 प्रतिशत के बीच ही रह गया है।
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एल नीनो (El Nino) का खतरा: मौसम विभाग ने इस साल ‘एल नीनो’ प्रभाव और कमजोर मानसून की आशंका जताई है।
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मानसून में संभावित देरी के खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने पहले से ही जल संरक्षण की यह कड़े रणनीति लागू कर दी है।
नागरिकों के लिए BMC की सख्त अपील
पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए BMC ने हाउसिंग सोसायटियों और आम नागरिकों से पानी की बर्बादी रोकने की विशेष अपील की है। प्रशासन ने ये सलाह जारी की हैं:
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वाहनों (कार, बाइक आदि) की धुलाई को सीमित करें।
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बगीचों और पौधों में अत्यधिक पानी का इस्तेमाल न करें।
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स्विमिंग पूल के उपयोग को पूरी तरह से नियंत्रित रखें।
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घरों में नलों या पाइपलाइन के लीकेज को तुरंत ठीक कराएं।
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केवल जरूरत के मुताबिक ही पानी का भंडारण (Store) करें।
कब तक जारी रहेगी यह कटौती?
BMC ने स्पष्ट किया है कि जब तक पर्याप्त बारिश नहीं हो जाती और झीलों का जलस्तर सुरक्षित स्थिति में नहीं पहुंच जाता, तब तक यह 10 प्रतिशत की कटौती लागू रह सकती है।
यदि मानसून में देरी होती है या बारिश सामान्य से कम रहती है, तो आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।











