उत्तर प्रदेश : जीएसटी की घटी दरों की निगरानी के लिए प्रदेश में 2500 से ज्यादा अफसर फील्ड में

“जीएसटी की घटी दरों का लाभ सीधे जनता को मिल रहा है या नहीं इस बात की पुष्टि करने के लिए राज्य और केंद्र के 2500 से ज्यादा कर्मचारी बाजार में हैं”

लखनऊ 23 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

जीएसटी-2.0 के फायदे गिनाने और आम लोगों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए राज्य कर विभाग ने अपने करीब 2500 अधिकारियों को बाजारों में उतार दिया है।

सेंट्रल जीएसटी के भी अधिकांश अधिकारी लोगों के बीच जा रहे हैं। इस महा अभियान का उद्देश्य ये बताना है कि किन उत्पादों पर जीएसटी कितना घटा है और इसका लाभ क्या मिलेगा। इसके अलावा कीमतों को लेकर भी निगरानी की जा रही है।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल जारी किया जा चुका है। संशोधित जीएसटी दरों से संबंधित शिकायतों और निवारण के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के इनग्राम (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म) पोर्टल consumerhelpline.gov.in भी जारी किया गया है। इस पोर्टल के जरिये टैक्स कम होने के बावजूद किसी उत्पाद की कीमत कम न होने की शिकायत की जा सकती है।

किस उत्पाद का दाम कितना घटा है, इसकी सही जानकारी के लिए ‘सेविंग्स विद जीएसटी पोर्टल’ शुरू किया गया है। इस पोर्टल पर जाकर नई दरों से पहले और बाद में उत्पादों की कीमतों की तुलना कर सकते हैं। इसमें अलग-अलग श्रेणियां दी गई हैं।

व्यापारियों व उद्यमियों की समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों को दी गई है। इसे लेकर सभी खंड अधिकारी सहायक आयुक्तों के साथ जीएसटी सुधार के फायदे अपने क्षेत्र के व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच लेकर जा रहे हैं। उपायुक्त जिलाधिकारियों से मिलकर व्यापार मंडल व उद्योग मंडल की बैठक करा रहे हैं।

राज्य कर विभाग में 375 सेक्टर हैं, जिसमें राज्य कर अधिकारी करीब 1000, सहायक आयुक्त 750, उपायुक्त 450, संयुक्त आयुक्त 150, अपर आयुक्त ग्रेड-2 की संख्या 78 और अपर आयुक्त ग्रेड-1 की संख्या 22 हैं। सेंट्रल जीएसटी में अधिकारियों की टीम अलग है।

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