UP Gram Pradhan Administrator Order

यूपी पंचायत चुनाव: ग्राम प्रधान ही बनेंगे प्रशासक, योगी सरकार का बड़ा फैसला

यूपी में पंचायत चुनाव टले : ग्राम प्रधान ही बनेंगे प्रशासक, योगी सरकार ने विकास कार्य जारी रखने के लिए जारी किया ऐतिहासिक आदेश”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पंचायत चुनाव में हो रही देरी के बीच योगी सरकार ने एक बड़ा और अभूतपूर्व फैसला लिया है।

गांवों में विकास कार्यों की रफ्तार न थमे, इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही अगले छह माह तक प्रशासक बनाए जाने को मंजूरी दे दी है।

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निर्देश पर प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया।

इस नए आदेश के बाद अब बुधवार (27 मई 2026) से प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधान ही प्रशासक की भूमिका में नजर आएंगे।

सरकार के इस कदम से गांवों में साफ-सफाई, पेयजल, मनरेगा, सड़क मरम्मत और अन्य जरूरी विकास कार्य बिना किसी रुकावट के चलते रहेंगे।

क्यों टले पंचायत चुनाव?

शासन के सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने यह फैसला पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया लंबी होने के कारण लिया है।

दरअसल, पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण तय करने के लिए गठित समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में अभी और समय लगेगा।

ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि सूबे में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जा सकते हैं।

टूट गई बरसों पुरानी परंपरा, पहली बार प्रधानों को कमान

उत्तर प्रदेश में अब तक परंपरा यह रही है कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) को प्रशासक नियुक्त किया जाता था।

लेकिन इस बार सरकार ने गांवों में कामकाज की निरंतरता बनाए रखने और ‘राष्ट्रीय पंचायत राज्य ग्राम प्रधान संघ’ की लगातार की जा रही मांग को देखते हुए निवर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

जिलाधिकारियों (DM) को मिला अधिकार, शक्तियों पर रहेगा अंकुश

जारी आदेश के मुताबिक, मंगलवार (26 मई) को प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (DM) निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नामित करेंगे। हालांकि, इन प्रशासकों के पास असीमित अधिकार नहीं होंगे:

  • रूटीन कार्य: प्रशासक केवल सामान्य और दैनिक (रूटीन) विकास कार्य ही करा सकेंगे।

  • नीतिगत फैसले: किसी भी बड़े वित्तीय, नीति संबंधी या नए प्रोजेक्ट के फैसले के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के माध्यम से जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

जुलाई में क्षेत्र और जिला पंचायतों का भी खत्म होगा कार्यकाल

प्रदेश में जहां ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, वहीं क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 19 जुलाई और जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई को खत्म होने जा रहा है।

ऐसे में माना जा रहा है कि जुलाई में इन त्रिस्तरीय संस्थाओं में भी प्रशासक नियुक्त किए जाने की पूरी संभावना है।