2007 social engineering formula

यूपी चुनाव: मायावती का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ दांव, माधौगढ़ से आशीष पांडेय को टिकट, 80 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारेगी BSP | The Politics Again

“मायावती की 2007 वाले ‘सोशल इंजीनियरिंग’ फॉर्मूले पर वापसी, माधौगढ़ से आशीष पांडेय को टिकट देकर खेला बड़ा ब्राह्मण कार्ड”

लखनऊ (The Politics Again) : वरुण यादव की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अब धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।

यूपी की राजनीति में बड़ा उलटफेर करने के मकसद से बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने पुराने और सबसे सफल ‘सोशल इंजीनियरिंग’ (दलित-ब्राह्मण गठजोड़) फॉर्मूले पर दांव लगा दिया है।

पार्टी ने जालौन जिले की माधौगढ़ विधानसभा सीट से आशीष पांडेय को अपना प्रत्याशी घोषित कर प्रदेश की राजनीति में एक स्पष्ट सियासी संदेश दे दिया है।

80 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने की तैयारी

ब्राह्मणों की नाराजगी और यूजीसी के नए नियमों के मुद्दे पर स्पष्ट राय रखने के बाद मायावती ने पहला टिकट ही एक ब्राह्मण चेहरे को दिया है।

सूत्रों की मानें तो बसपा इस बार यूपी चुनाव में लगभग 80 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है।

पार्टी की रणनीति है कि जून महीने तक करीब 50 उम्मीदवारों के टिकट फाइनल कर दिए जाएं, ताकि प्रत्याशियों को अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

विशेष रूप से उन सीटों पर जल्द उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा बेहद कम अंतर से हारी थी।

क्यों हुई 2007 के फॉर्मूले पर वापसी?

दरअसल, वर्ष 2012 के बाद से हुए लगातार चुनावों में बसपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

वर्तमान स्थिति यह है कि यूपी विधानसभा में पार्टी का सिर्फ एक ही विधायक है। हालिया लोकसभा चुनावों में भी पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ा, जिसके बाद बसपा का भरोसा मुस्लिम मतदाताओं से डिगा है।

यही कारण है कि अब पार्टी ने वर्ष 2007 के अपने उसी ऐतिहासिक फॉर्मूले पर दोबारा फोकस किया है, जिसके दम पर मायावती ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी और ब्राह्मणों को संगठन व सरकार में खासा प्रतिनिधित्व दिया था।

आकाश आनंद संभालेंगे प्रचार की कमान

बसपा प्रमुख मायावती के निर्देश पर पार्टी के केंद्रीय संयोजक और उनके उत्तराधिकारी आकाश आनंद अप्रैल के अंत से अपना धुआंधार चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने जा रहे हैं।

  • रणनीति: जिन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पहले घोषित हो जाएंगे, वहां आकाश आनंद रोड शो और जनसभाएं करेंगे।

  • वरिष्ठ नेताओं का साथ: पांच राज्यों (केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल आदि) के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ, जयप्रकाश और रामजी गौतम जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी यूपी आकर चुनाव प्रचार को धार देंगे।

  • आगामी रैली: यूपी में सक्रिय होने से पहले आकाश आनंद 15 मार्च को पार्टी संस्थापक मान्यवर कांशीराम की जयंती के अवसर पर राजस्थान के भरतपुर में एक बड़ी रैली को भी संबोधित करेंगे।

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