रेल मंत्री का दावा: फ्लाइट छोड़ ट्रेन पकड़ेंगे यात्री
फ्लाइट छोड़ ट्रेन पकड़ेंगे लोग: मुंबई-पुणे 28 मिनट, दिल्ली-लखनऊ 2 घंटे; रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विमानन कंपनियों को ‘खुला चैलेंज’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब सिर्फ पटरियों पर ही नहीं, बल्कि रफ्तार और समय के मामले में हवाई जहाजों (Flights) को भी पीछे छोड़ने की तैयारी कर चुका है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आने वाले समय में देश के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रेन सेवाएं ‘उड़ानों’ (Aviation Sector) को पूरी तरह मात दे देंगी और लोग हवाई यात्रा के बजाय सुपरफास्ट ट्रेनों को प्राथमिकता देंगे।
रेल मंत्री ने रेलवे परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन और वित्त वर्ष 2025-26 के बजट खर्च के शानदार आंकड़े भी देश के सामने रखे।
फरवरी तक ही खर्च हो गया 98% बजट: तेज काम का प्रमाण
अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट्स की तेज गति पर बात करते हुए बताया कि भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित अपने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) का 98 प्रतिशत हिस्सा फरवरी के अंत तक ही खर्च कर लिया था।
उन्होंने कहा, “पिछले वित्त वर्ष में लगभग पूरा पूंजीगत व्यय मार्च के पहले सप्ताह तक खर्च हो गया था। हमें फरवरी के अंतिम सप्ताह के बाद व्यय की गति को कुछ हद तक रोकना पड़ा, ताकि वित्त वर्ष का अंत संतुलित रूप से किया जा सके।” यह आंकड़ा रेलवे के इतिहास में परियोजनाओं के सबसे तेज क्रियान्वयन को दर्शाता है।
जर्मनी और स्विट्जरलैंड से भी आगे निकला भारत का रेल नेटवर्क
रेलवे के विस्तार की तस्वीर पेश करते हुए मंत्री ने दो बड़े और ऐतिहासिक आंकड़े साझा किए:
विद्युतीकरण (Electrification): देश में अब तक 49,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है। यह आंकड़ा यूरोपीय देश ‘जर्मनी’ के पूरे रेल नेटवर्क से भी अधिक है।
नई पटरियां (New Tracks): भारत ने 36,000 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई हैं, जो ‘स्विट्जरलैंड’ के कुल रेल नेटवर्क से लगभग छह गुना ज्यादा है।
हवाई जहाज को मात देंगे ये नए रूट: जानिए कितना कम होगा सफर
रेल मंत्री ने देश के कई ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर्स का खुलासा किया, जो यात्रा के समय को अकल्पनीय रूप से कम कर देंगे। इन नए मार्गों के चालू होने पर यात्रा का समय इस प्रकार होगा:
मुंबई से पुणे: नया गलियारा (Corridor) विकसित हो रहा है, जिससे यह सफर घटकर मात्र 28 मिनट रह जाएगा।
पुणे से हैदराबाद: यह दूरी सिर्फ 1 घंटा 55 मिनट में तय होगी।
हैदराबाद से बेंगलुरु: इस सफर में मात्र 2 घंटे का समय लगेगा।
बेंगलुरु से चेन्नई: यह सफर सिर्फ 78 मिनट का रह जाएगा, जिससे ये दोनों शहर एक ‘संयुक्त महानगर’ की तरह जुड़ जाएंगे।
दिल्ली से वाराणसी: यह लंबी दूरी केवल 3 घंटे 50 मिनट में पूरी होगी।
दिल्ली से लखनऊ: राजधानी दिल्ली से नवाबों के शहर का सफर मात्र 2 घंटे में संभव हो जाएगा।
विमानन कंपनियों और निवेशकों को सख्त चेतावनी
इन हाई-स्पीड रेल मार्गों का जिक्र करते हुए अश्विनी वैष्णव ने विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की।
उन्होंने कहा, “ऐसे मार्गों पर कोई भी यात्री उड़ान सेवा (Flights) को तवज्जो नहीं देगा। ये क्षेत्र विमानन कंपनियों के लिए लगभग समाप्त हो जाएंगे। जो लोग विमानन कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें अभी से यह समझ लेना चाहिए कि इन मार्गों पर 99 प्रतिशत यातायात रेलवे से ही होगा।”
इस बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत सरकार का विजन रेलवे को देश के ट्रांसपोर्टेशन का सबसे तेज, सुरक्षित और पसंदीदा माध्यम बनाना है।
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