100 percent ethanol fuel
⛽ नितिन गडकरी का ‘गेम चेंजर’ फैसला: 100% एथेनॉल ईंधन को मिली कानूनी मंजूरी, बचेगा 22 लाख करोड़ का विदेशी मुद्रा भंडार “
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत को जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) पर निर्भरता से मुक्त करने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने शनिवार को ऐलान किया कि उन्होंने 100 प्रतिशत एथेनॉल (100% Ethanol) ईंधन को कानूनी मान्यता देने वाले नियमों की फाइल को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं गडकरी के इस बड़े फैसले के मायने और ऑटो सेक्टर में आने वाली नई क्रांति की पूरी डिटेल:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में गडकरी ने इस अहम फैसले की जानकारी दी।
आयात पर निर्भरता होगी खत्म: गडकरी ने बताया कि वर्तमान में भारत को पेट्रोल-डीजल के लिए भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करना पड़ता है, जिस पर लगभग 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
पेट्रोल-डीजल का विकल्प: 100 प्रतिशत एथेनॉल इस आयात बोझ को काफी हद तक कम करेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि धीरे-धीरे देश में गैस का उत्पादन भी बढ़ेगा और पेट्रोल-डीजल का एक मजबूत स्वदेशी विकल्प तैयार हो जाएगा।
हाल ही में मारुति सुजुकी की 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) वैगनआर लॉन्च की गई है।
इस कार्यक्रम का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि भविष्य में दोपहिया वाहनों में भी इस तकनीक का व्यापक उपयोग होगा।
ऑटो कंपनियों की तैयारी पर एक नजर:
| ऑटो कंपनी | वर्तमान/आगामी एथेनॉल वाहन स्थिति |
| मारुति सुजुकी | 100% एथेनॉल वैगनआर लॉन्च |
| हीरो मोटोकॉर्प | 100% एथेनॉल पर 2 बाइक लॉन्च |
| टोयोटा और हुंडई | अगले 2 महीनों में लॉन्च की संभावना |
अपने विजन के बारे में बात करते हुए गडकरी ने बताया कि शुरुआत में एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) के उनके प्रयासों का काफी विरोध हुआ और भ्रांतियां फैलाई गईं।
मजाक से हकीकत तक: उन्होंने कहा, “जब मैं इस सपने की बात करता था, तो लोग हंसते थे।”
दिलचस्प किस्सा: गडकरी ने एक घटना साझा करते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने उनसे शिकायत की कि एथेनॉल के कारण उसकी गाड़ी खराब हो गई।
जब गडकरी ने पूछा कि गाड़ी पेट्रोल है या डीजल, तो उसने ‘डीजल’ बताया। गडकरी ने उसे समझाया कि “हम डीजल में एथेनॉल मिलाते ही नहीं हैं।” इस तरह कई बार नई तकनीक को गलत जानकारी देकर बदनाम करने की कोशिश की गई।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने नागपुर में हुए अहम विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और बताया कि कैसे बीते 12 वर्षों में देश भर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं।
नोट: ऑटो सेक्टर की नई क्रांतियों, केंद्र सरकार के बड़े फैसलों और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी हर अहम खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
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