मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश में पास हुआ UCC बिल: राम से रहीम तक एक ही कानून’

MP में पास हुआ UCC बिल: सीएम मोहन यादव की हुंकार- ‘जो हिंदू की बात करेगा, वही राज करेगा; राम से रहीम तक एक ही कानून’

भोपाल: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मध्य प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) बिल आखिरकार पास हो गया है।

इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद आक्रामक अंदाज में सरकार का पक्ष रखा।

सीएम यादव ने सख्त लहजे में कहा कि “जो हिंदू की बात करेगा, वही राज करेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि देश “राम से रहीम तक और अमर से एंथोनी तक” एक ही संविधान और एक ही कानून से चलेगा।

उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश भी यूसीसी लागू करने वाले चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल हो गया है।

‘अलग-अलग मजहबी तौल कांटे नहीं चलेंगे’

सदन में अपने वक्तव्य के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समानता ही भारतीय संस्कृति का मूल है। जब भगवान की दृष्टि में सभी इंसान एक समान हैं, तो इंसानों द्वारा बनाए गए कानून में अलग-अलग व्यवस्था क्यों होनी चाहिए?

उन्होंने दो टूक कहा, “मध्य प्रदेश में अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं होगा। सब एक ही बाट से तौले जाएंगे।

93 प्रतिशत नागरिकों ने यूसीसी का समर्थन किया है और इसके लागू होने के बाद प्रदेश से हर तरह के भेदभाव से मुक्ति मिलेगी।”

विपक्ष पर तीखा हमला: ‘खाने के दांत अलग, दिखाने के अलग’

यूसीसी पर चर्चा के दौरान कांग्रेस और विपक्षी विधायकों ने ‘गद्दी छोड़ो’ और ‘चंदा चोरों’ के नारे लगाकर भारी हंगामा किया। इस पर सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर करारा प्रहार किया:

  • “कांग्रेस के खाने के दांत और हैं, और दिखाने के और। इनका पाखंड और दोहरा चरित्र अब प्रदेश में नहीं चलेगा।”

  • “कांग्रेस हमेशा तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती रही है। उन्होंने देश की जनता की पीठ में खंजर घोंपा है।”

  • “अगर कांग्रेस डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान का रत्ती भर भी सम्मान करती है, तो उसे इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए।”

सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस हर सीधी बात को तिरछी नजर से देखती है- “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।”

UCC से क्या-क्या बदलेगा?

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के नागरिकों के सामाजिक और धार्मिक संस्कार पहले की तरह जारी रहेंगे, लेकिन कुछ कड़े नियम लागू होंगे:

  1. प्रदेश में होने वाले सभी विवाहों का शासकीय पंजीयन (Registration) अनिवार्य होगा। पंजीयन न कराने पर जुर्माना लगेगा।

  2. एक पत्नी के रहते हुए दूसरा विवाह और एक पति के रहते हुए दूसरा विवाह करने की बिल्कुल अनुमति नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने इस बिल को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का कानून बताया। भारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के संशोधन प्रस्ताव को खारिज कर दिया और UCC विधेयक को पारित घोषित कर दिया।

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