Uttar Pradesh

प्रतीक यादव की मौत का सच: स्टेरॉयड नहीं, DVT बीमारी

प्रतीक यादव की मौत का सच: जिम या स्टेरॉयड नहीं, 5 साल से इस ‘साइलेंट किलर’ बीमारी से जूझ रहे थे मुलायम के बेटे”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 

मशहूर हस्तियों के आकस्मिक निधन के बाद अक्सर अफवाहों का बाजार गर्म हो जाता है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ।

सोशल मीडिया पर उनके मस्कुलर शरीर को देखकर लोगों ने स्टेरॉयड्स (Steroids) और जिम को उनकी मौत का जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया।

लेकिन, इन तमाम अटकलों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। प्रतीक यादव किसी साजिश या जिम सप्लीमेंट का नहीं, बल्कि ‘डीप वेन थ्रॉम्बोसिस’ (DVT) नाम की एक ऐसी गंभीर बीमारी का शिकार थे, जो एक साइलेंट किलर की तरह पिछले 5 सालों से उनके शरीर में मौजूद थी।

क्या है DVT और कैसे हुई बीमारी की शुरुआत?

प्रतीक की इलाज करने वाली डॉक्टर (जिनकी पहचान गुप्त रखी गई है) ने बताया कि पांच साल पहले प्रतीक सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर उनके क्लिनिक आए थे।

जांच में पता चला कि उन्हें DVT है। डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की गहरी नसों (मुख्यतः पैरों) के अंदर खून के थक्के बन जाते हैं।

जब यह थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है, तो इससे ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ नामक जानलेवा स्थिति पैदा हो जाती है।

पिछले पांच सालों से प्रतीक खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे और लगातार मेडिकल निगरानी में थे।

29 अप्रैल की वह रात और ICU में भर्ती

चीजें सामान्य चल रही थीं, लेकिन 29 अप्रैल को प्रतीक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सीने में भयंकर दर्द, सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आने की शिकायत के बाद तुरंत अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया।

डॉक्टर की कड़ी निगरानी में कुछ दिनों तक उनकी हालत स्थिर होती हुई भी नजर आ रही थी।

LAMA: वह एक ‘जिद’ जिसने बदल दिया सब कुछ

1 मई को प्रतीक ने एक ऐसा फैसला लिया जो उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वह घर जाना चाहते हैं।

मेडिकल भाषा में इसे LAMA (Leave Against Medical Advice) कहा जाता है, जहां मरीज डॉक्टरों की सख्त चेतावनी के बावजूद अस्पताल छोड़ देता है और आगे के परिणामों की जिम्मेदारी खुद लेता है।

डॉक्टर ने उन्हें साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि इस हालत में ICU छोड़ना “खुदकुशी” करने जैसा होगा।

लेकिन अपनी जिद के पक्के प्रतीक को ICU की मशीनों की बीप-बीप और घुटन भरा माहौल पसंद नहीं आ रहा था; वह अपने बच्चों के पास जाना चाहते थे।

पत्नी अपर्णा ने की रोकने की पूरी कोशिश

उनकी पत्नी अपर्णा यादव उस समय लगातार उनके साथ थीं। उन्होंने हाथ जोड़कर, रोकर और हर मुमकिन कोशिश करके प्रतीक को अस्पताल में रुकने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन न तो डॉक्टर और न ही पत्नी अपर्णा उन्हें रोक सकीं।

घर पर था 24×7 नर्सिंग स्टाफ

अस्पताल से डिस्चार्ज पेपर पर दस्तखत कर प्रतीक घर आ गए। घर पर उनकी देखभाल के लिए 3 लोगों का समर्पित नर्सिंग स्टाफ 24×7 मौजूद था।

3 मई को डॉक्टर से उनकी आखिरी सीधी बातचीत हुई थी, जिसके बाद सारा अपडेट नर्सिंग स्टाफ के जरिए मिल रहा था।

दवाएं भी नियमित रूप से चल रही थीं, लेकिन बीमारी की गंभीरता और अस्पताल से वह ‘जबरन छुट्टी’ आखिरकार उनके लिए जानलेवा साबित हुई और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

Santosh SETH

Recent Posts

रायगढ़ हादसा: दिवेआगर बीच पर पिकनिक मनाने गए 8 छात्रों की डूबने से मौत

महाराष्ट्र के रायगढ़ में बड़ा हादसा: पिकनिक मनाने गए 8 छात्रों की समुद्र में डूबने…

14 hours ago

यूपी भाजपा : विभिन्न मोर्चों की नई टीम, अनस उस्मानीअल्पसंख्यक अध्यक्ष

यूपी भाजपा में बड़े बदलाव: लंबे इंतजार के बाद विभिन्न मोर्चों की नई टीम घोषित,…

14 hours ago

भदोही: ‘मुसहर’ बताकर प्रसूता को अस्पताल से भगाया, डॉक्टर बर्खास्त

भदोही: 'मुसहर' बताकर प्रसूता को अस्पताल से भगाया, सड़क पर हुई डिलीवरी; ईएमओ बर्खास्त, सीएमएस…

14 hours ago

जौनपुर में धूमधाम से मनेगी गांधी-शास्त्री जयंती, अनेक कार्यक्रम तय

जौनपुर में धूमधाम से मनेगी गांधी और शास्त्री जयंती: प्रभात फेरी, 5 किमी रेस और…

14 hours ago

जौनपुर: वाटरशेड विकास से किसानों की आय में 50% वृद्धि, भूजल स्तर सुधरा

जौनपुर: जल संरक्षण से संवर रहा किसानों का भविष्य, 'रिफॉर्म उत्सव' के जरिए वाटरशेड विकास…

15 hours ago

छत्तीसगढ़: ASI और राज्य सरकार के बीच ऐतिहासिक MOU

छत्तीसगढ़ में विरासत पर्यटन को बड़ा बूस्ट: ASI और राज्य सरकार के बीच ऐतिहासिक MOU,…

15 hours ago