केरल: सस्पेंस खत्म, वीडी सतीशन होंगे राज्य के नए मुख्यमंत्री
केरल में सस्पेंस खत्म: वीडी सतीशन होंगे राज्य के नए मुख्यमंत्री; UDF की प्रचंड जीत के 10 दिन बाद कांग्रेस का बड़ा ऐलान”
तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
केरल में कई दिनों से जारी राजनीतिक हलचल, बैठकों के दौर और अंदरूनी खींचतान के बाद आखिरकार कांग्रेस आलाकमान ने बड़ा फैसला ले लिया है।
कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य के वरिष्ठ और तेजतर्रार नेता वीडी सतीशन (VD Satheesan) को केरल का नया मुख्यमंत्री चुना है।
दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं— दीपादास मुंशी, मुकुल वासनिक और अजय माकन ने एक विशेष प्रेस वार्ता कर उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले के साथ ही राज्य की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व की शुरुआत हो गई है।
10 दिन बाद खत्म हुआ CM पद का सस्पेंस
केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले कई दिनों से कांग्रेस के भीतर भारी मंथन चल रहा था। तिरुवनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक लॉबिंग का दौर जारी था।
राहुल गांधी ने लगाई मुहर: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल अंतिम दौर की बातचीत के लिए दिल्ली में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात के बाद ही यह अंतिम फैसला सुनाया।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को भी फोन कर जानकारी दे दी कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ खत्म हो चुकी है और आलाकमान ने वीडी सतीशन पर भरोसा जताया है।
UDF की प्रचंड जीत: बता दें कि केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था और 4 मई को नतीजे घोषित किए गए थे। इन चुनावों में कांग्रेस-नीत यूडीएफ (UDF) गठबंधन ने 102 सीटों पर बंपर जीत हासिल की है।
वहीं सीपीआईएम-नीत एलडीएफ (LDF) को 35 और एनडीए (NDA) को मात्र तीन सीटों से संतोष करना पड़ा है।
कौन हैं केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन?
कोच्चि जिले से आने वाले वीडी सतीशन इसी महीने 62 साल के होने वाले हैं। पेशे से वकील रहे सतीशन का राजनीतिक सफर बेहद शानदार रहा है:
परवूर से पहली जीत: उन्होंने साल 2001 में पहली बार ‘परवूर’ सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी।
विधानसभा में अपने तेज-तर्रार भाषणों और सटीक आंकड़ों के इस्तेमाल के कारण वह जल्द ही कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
विपक्ष के नेता के तौर पर उभार: उनका सबसे बड़ा राजनीतिक उभार 2021 में हुआ। जब विधानसभा चुनाव में यूडीएफ को बड़ी हार मिली, तो पार्टी ने उन्हें विपक्ष का नेता (LoP) बनाया।
शुरुआत में कुछ लोगों ने उन्हें ‘समझौते का उम्मीदवार’ माना, लेकिन उन्होंने इसे गलत साबित कर दिया।
पिनराई सरकार की बढ़ाई थीं मुश्किलें: विपक्ष के नेता के तौर पर सतीशन ने सोना तस्करी मामला, एआई कैमरा (AI Camera) विवाद और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर पिछली पिनराई विजयन सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरा और खुद को राज्य के सबसे आक्रामक नेता के रूप में स्थापित किया।
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