बशीरहाट: TMC नेता के खेत से निकले करोड़ों रुपये, सूटकेस में मिला खजाना
बशीरहाट में TMC नेता के खेत में उगे ‘करोड़ों के नोट’: जमीन में गड़े सूटकेस से मिला खजाना, पुलिस के उड़े होश”
बशीरहाट (बादुड़िया ): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के बशीरहाट स्थित बादुड़िया में भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों के होश उड़ा दिए हैं।
मंगलवार को 80 लाख रुपये नकद और सरकारी तिरपाल के साथ गिरफ्तार किए गए बादुड़िया नगरपालिका के तृणमूल (TMC) चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के दूसरे ही दिन (बुधवार) उनके ‘गुप्त खजाने’ का बड़ा खुलासा हुआ है।
पुलिस ने जब आरोपी की निशानदेही और स्थानीय किसानों की सूचना पर एक जूट के खेत में खुदाई की, तो जमीन के नीचे से करोड़ों रुपये का कैश और अहम दस्तावेज बरामद हुए।
किसानों की सूचना और खेत से निकला कुबेर का खजाना
बुधवार की सुबह दीपांकर भट्टाचार्य के घर के पास स्थित जूट के खेत में कुछ किसान काम करने गए थे।
वहां उन्होंने देखा कि जमीन के नीचे कुछ दबाया गया है। स्थिति संदिग्ध लगने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
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उस वक्त पुलिस अभियुक्त चेयरमैन दीपांकर को हिरासत में लेकर इलाके में ही घटनाक्रम का रीक्रिएशन (Recreation) और पूछताछ कर रही थी।
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सूचना मिलते ही पुलिस आरोपी को लेकर उस जगह पहुंची और खुदाई शुरू करवाई।
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खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से एक के बाद एक कई बोरियां और सूटकेस निकले, जो नोटों से ठसाठस भरे हुए थे।
ड्रोन से हो रही तलाशी, पीए शमीम गाजी भी गिरफ्तार
प्राथमिक अनुमान के मुताबिक, बरामद रकम करोड़ों में है और नोटों की सही गिनती अभी जारी है। पैसों के अलावा बोरियों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।
पुलिस ने इलाके में और भी छिपे धन का पता लगाने के लिए अब ड्रोन कैमरे की मदद ली है। इस बड़े भ्रष्टाचार मामले में दीपांकर के निजी सचिव (पीए) शमीम गाजी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
आम जनता में भारी रोष: ‘चिट्ठी-नोटिस के लिए लेते थे 15 हजार’
इस भारी-भरकम खजाने की बरामदगी को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चेयरमैन की काली कमाई को देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
एक स्थानीय निवासी ने रोष जताते हुए कहा, “आम जनता को अगर किसी चिट्ठी या साधारण नोटिस की भी जरूरत होती थी, तो चेयरमैन को पहले पैसे देने पड़ते थे। इसके लिए 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की वसूली की जाती थी।
फंसने के डर से चेयरमैन खुद को बचाने के लिए यह सब जमीन में गाड़ गए थे। हमने तो वहां ट्रॉली भरकर सोना भी देखा है।”
भाजपा का तंज: “TMC ने जूट के खेत में लगाया पैसों का पेड़”
इस खुलासे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा विधायक सजल घोष ने टीएमसी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा,
“तृणमूल ने जूट के खेत में पैसों का पेड़ लगाया था, अब पुलिस उस बीज को उखाड़कर ला रही है। अगर एक छोटे से इलाके में इन्होंने इतने करोड़ रुपये कमाए हैं, तो सोचिए पूरे राज्य में क्या स्थिति होगी !
अब कार्रवाई के डर से सब इस्तीफे दे रहे हैं, उन्हें लगता है कि इस्तीफा देते ही सात खून माफ हो जाएंगे और वे बच जाएंगे।”
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और काली कमाई के अन्य ठिकानों की गहन जांच कर रही है।











