Mourning relatives and villagers gathered at Sultanganj Referral Hospital after six children drowned in Bhagalpur

भागलपुर में दर्दनाक हादसा: बाढ़ के पानी में डूबने से 6 बच्चों की मौत

भागलपुर में बाढ़ का कहर: सुल्तानगंज के तरेटा गांव में 6 बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम”

भागलपुर: THE POLITICS AGAIN

बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक खबर सामने आई है। सुल्तानगंज प्रखंड की भीरखुद पंचायत के अंतर्गत आने वाले तरेटा गांव में सोमवार को बाढ़ के पानी में डूबने से छह मासूम बच्चों की मौत हो गई।

एक साथ छह बच्चों की मौत की खबर से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और पीड़ित परिवारों के घरों से उठ रही चीख-पुकार ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।

गैस गोदाम के पास हुआ हादसा, ग्रामीणों ने निकाला बाहर

जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा तरेटा गांव में गैस गोदाम के समीप भरे बाढ़ के पानी में हुआ।

सोमवार को ये बच्चे पानी के आसपास खेल रहे थे, तभी गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।

लोग तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतरकर बच्चों की तलाश शुरू कर दी।

काफी कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने सभी छह बच्चों को पानी से बाहर निकाला और आनन-फानन में उन्हें सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे।

लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने सभी छह बच्चों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल

अस्पताल प्रशासन और पुलिस के मुताबिक, जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र महज 10 से 15 वर्ष के बीच है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. राहुल कुमार

  2. विकास कुमार

  3. ज्योति कुमारी

  4. पूजा कुमारी

  5. मीनाक्षी कुमारी

  6. आयुष कुमार

ये सभी मासूम बच्चे आसपास के विष्णु टोला और दुधैला इलाके के रहने वाले थे। हादसे की मनहूस खबर जैसे ही उनके घरों तक पहुंची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

अस्पताल परिसर में बच्चों के माता-पिता और परिजनों के क्रंदन से माहौल बेहद गमगीन हो गया। गांव वालों की भारी भीड़ अस्पताल में जमा हो गई जो पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रही थी।

प्रशासन और नेताओं का जमावड़ा, सरकारी सहायता का आश्वासन

घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस और अंचल पदाधिकारी (CO) रमण कुमार तुरंत अस्पताल पहुंचे।

पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अंचल पदाधिकारी रमण कुमार ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि सरकार के आपदा प्रबंधन प्रावधानों के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि और सहायता जल्द से जल्द परिवारों को मुहैया कराई जाएगी।

घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय एनडीए (NDA) कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से त्वरित मदद की अपील की।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के पानी के पास जाने से रोकने को लेकर जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।