People participating in Ayurveda Day 2026 awareness campaigns and medicinal plant sapling distribution

11वां आयुर्वेद दिवस: 89 लाख भारतीयों का संकल्प, 10 देशों में गूंज

11वें आयुर्वेद दिवस को लेकर देश में भारी उत्साह: 89 लाख नागरिकों ने लिया संकल्प, 10 देशों में भी आयोजन”

नई दिल्ली: संतोष सेठ की रिपोर्ट :  (THE POLITICS AGAIN)

भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति ‘आयुर्वेद’ को लेकर देश और दुनिया में एक नई जागृति देखने को मिल रही है।

23 सितंबर को मनाए जाने वाले 11वें आयुर्वेद दिवस से पहले ही देशभर में एक वृहद जनभागीदारी अभियान शुरू हो चुका है। इस वर्ष का विषय (Theme) “स्वास्थ्यवर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद” रखा गया है।

इस अवसर पर देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 9,700 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें आम जनमानस पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रहा है।

89 लाख नागरिकों का समर्थन, 3.6 लाख पंजीकरण

आयुष मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, आयुर्वेद दिवस 2026 की आधिकारिक माइक्रोसाइट (ayurvedaday.org.in) के माध्यम से लगभग 89.3 लाख नागरिकों ने आयुर्वेद के प्रति अपना समर्थन और संकल्प व्यक्त किया है।

इसके अलावा, इस डिजिटल मंच पर अब तक 3.6 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया है।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस अभियान को लेकर सबसे अधिक उत्साह देखा गया है।

देश भर में आयोजित हो रही हैं विविध गतिविधियां

आयुर्वेद के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:

  • स्वास्थ्य शिविर: जगह-जगह आयुर्वेद स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर लगाए जा रहे हैं।

  • जागरूकता कार्यक्रम: सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के तहत स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं को आयुर्वेद से जोड़ा जा रहा है।

  • प्रकृति संरक्षण: औषधीय पौधों के वृक्षारोपण और संरक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।

  • खानपान में सुधार: ‘आयुर्वेद आहार’ और स्वस्थ आहार प्रथाओं को बढ़ावा देने वाले अभियानों के साथ-साथ नागरिक प्रतिज्ञा और आयुर्वेद प्रश्नोत्तरी (Quiz) जैसी रोचक गतिविधियां भी शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गूंज रहा आयुर्वेद

11वें आयुर्वेद दिवस की गूंज केवल भारत तक सीमित नहीं है। इस अवसर पर विश्व के 10 देशों में आयोजित गतिविधियों में 1,900 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।

इन देशों में ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र, यूनाइटेड किंगडम, अफगानिस्तान, बुल्गारिया, स्पेन, अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, आइसलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।

यह अंतरराष्ट्रीय भागीदारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दुनिया भर के समुदाय, संस्थान और संगठन अब स्वास्थ्य और जन सहभागिता के लिए आयुर्वेद को एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।