Security breach and police presence outside Delhi's Rohini Jail after the murder of an undertrial prisoner

रोहिणी जेल में कैदी की निर्मम हत्या, तंबाकू कारोबार को लेकर खूनी संघर्ष

दिल्ली की रोहिणी जेल में खूनी संघर्ष: तंबाकू के अवैध कारोबार को लेकर अंडरट्रायल कैदी की हत्या, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल”

नई दिल्ली: श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट : (THE POLITICS AGAIN)

राजधानी दिल्ली की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली रोहिणी जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक अंडरट्रायल कैदी की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत जेल में बंद प्रमोद नामक कैदी को उसी के साथी कैदियों ने धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया।

इस घटना ने एक बार फिर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सलाखों के पीछे बेखौफ चल रहे अवैध गठजोड़ की पोल खोल दी है।

तंबाकू के वर्चस्व और अवैध कारोबार की रंजिश

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष की मुख्य वजह जेल के भीतर चल रहा तंबाकू का अवैध कारोबार था।

मृतक प्रमोद जेल के अंदर तंबाकू बेचने का सिंडिकेट चलाता था। आशंका है कि इसी अवैध धंधे, मुनाफे और वर्चस्व को लेकर उसका अन्य कैदियों या प्रतिद्वंद्वी गुटों के साथ गहरा विवाद चल रहा था।

इसी आपसी रंजिश के चलते कैदियों के बीच पहले तीखी कहासुनी हुई, जिसने बाद में एक सुनियोजित और जानलेवा हमले का रूप ले लिया।

धारदार हथियार से हमला और अस्पताल में मौत

इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने का सीधा आरोप प्रमोद के ही साथी कैदियों—भोला और मुकेश—पर लगा है।

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर इन आरोपियों ने प्रमोद पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में गंभीर रूप से लहूलुहान हुए प्रमोद को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में

तिहाड़ और रोहिणी जैसी जेलों में पहले भी हिंसक झड़पें और गैंगवार होते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने जेल की चारदीवारी के भीतर पुलिसिया तंत्र की विफलता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • इतनी कड़ी सुरक्षा और चेकिंग के बावजूद जेल के अंदर धारदार हथियार (या उसे बनाने का सामान) कैसे पहुंचा?

  • जेल के भीतर तंबाकू जैसे प्रतिबंधित पदार्थों का अवैध कारोबार इतने बड़े पैमाने पर किसकी शह पर चल रहा था?

  • हत्या से पहले हुए विवाद और मारपीट के दौरान जेल के सुरक्षाकर्मी और वार्डन कहां थे?

स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की गहन जांच शुरू कर दी गई है कि इस दुस्साहसिक वारदात के पीछे जेल प्रशासन की कितनी बड़ी चूक रही है। घटना के बाद जेल में अलर्ट जारी कर दिया गया है।