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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट? अमेरिका ने तैनात किया ‘तैरता हुआ किला’, ईरान को ट्रम्प की खुली चेतावनी

“अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है”

वॉशिंगटन/तेहरान | The Politics Again

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश के बाद, अमेरिका का विशालकाय एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन अपने पूरे जंगी बेड़े के साथ मिडिल ईस्ट पहुंच चुका है।

इस तैनाती ने दुनिया भर में यह आशंका बढ़ा दी है कि क्या अमेरिका ईरान पर बड़े हवाई हमले की तैयारी कर रहा है?

समुद्र में अमेरिका की अभेद्य किलेबंदी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि USS अब्राहम लिंकन अकेले नहीं आया है। इसके साथ तीन विध्वंसक युद्धपोत (Destroyers) भी तैनात किए गए हैं। यह बेड़ा न केवल समुद्र में बल्कि आसमान में भी कहर बरपाने की क्षमता रखता है।

  • हवाई ताकत: इस कैरियर पर F-35 लाइटनिंग II और F/A-18 सुपर हॉर्नेट जैसे दुनिया के सबसे घातक फाइटर जेट्स के कई स्क्वाड्रन मौजूद हैं।

  • मिसाइलें: साथ चल रहे डिस्ट्रॉयर्स अपने साथ सैकड़ों मिसाइलें लेकर आए हैं, जिनमें दर्जनों टॉमहॉक लैंड अटैक क्रूज मिसाइलें शामिल हैं, जो पिन-पॉइंट एक्यूरेसी के साथ जमीन पर हमला कर सकती हैं।

  • अतिरिक्त मदद: अमेरिकी वायुसेना ने F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स को भी क्षेत्र में तैनात कर दिया है और दर्जनों मिलिट्री कार्गो प्लेन्स की आवाजाही देखी गई है।

ट्रम्प की चेतावनी: “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हाथ भी लगाया तो…”

इस भारी-भरकम तैनाती के पीछे का कारण ईरान की अंदरूनी अशांति है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा, “हमारे पास एक बहुत बड़ा बेड़ा उस दिशा में जा रहा है, और हो सकता है कि हमें इसका इस्तेमाल ना करना पड़े, लेकिन यह एहतियात के तौर पर है।”

हालाँकि, ट्रम्प ने धमकी दी है कि अगर ईरान ने:

  1. कैदियों को बड़े पैमाने पर फांसी दी, या

  2. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रखी, …तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

ईरान में खूनी संघर्ष: लाशों के ढेर पर प्रदर्शन?

ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने भयावह रूप ले लिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सरकारी आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है:

  • एक्टिविस्ट्स का दावा: कम से कम 5,973 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 41,800 से ज्यादा हिरासत में हैं।

  • ईरान का सरकारी आंकड़ा: सरकार ने केवल 3,117 मौतों की बात स्वीकार की है।

इतिहास खुद को दोहरा रहा है?

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह गतिविधि पिछले साल के घटनाक्रम जैसी ही है। तब अमेरिका ने ईरान की 3 मुख्य न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी के बाद संभावित जवाबी हमले से निपटने के लिए पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस हार्डवेयर भेजा था। उस समय ईरान ने जवाब में अल उदीद एयर बेस पर मिसाइलें दागी थीं।

अब सवाल यह है कि क्या अमेरिका का यह कदम सिर्फ दबाव बनाने के लिए है, या मिडिल ईस्ट एक और भीषण युद्ध की ओर बढ़ रहा है?


The Politics Again इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए है।

Santosh SETH

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