🇪🇺 यूरोप से डील पक्की! 🇮🇳 पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत
“भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने वर्षों से चले आ रहे इंतजार को खत्म करते हुए अपने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत सफलतापूर्वक पूरी कर ली है”
नई दिल्ली | The Politics Again संतोष सेठ की रिपोर्ट
इस ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है, जिसकी औपचारिक घोषणा आज (मंगलवार) होने वाली भारत-यूरोपीय संघ शिखर वार्ता में की जाएगी।
यह समझौता न केवल व्यापार तक सीमित है, बल्कि इसमें रक्षा सुरक्षा और लोगों की आवाजाही (Mobility) जैसे रणनीतिक मुद्दे भी शामिल हैं।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को जानकारी दी कि भारत के नजरिए से यह सौदा बेहद संतुलित और भविष्योन्मुखी (Future-oriented) है।
यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे के करीब लाएगा और व्यापार व निवेश को नई गति देगा। समझौते के तहत:
आर्थिक एकीकरण: भारतीय उत्पादों को यूरोप के बाजारों में आसान पहुंच मिलेगी।
सेवा क्षेत्र: आईटी और अन्य सर्विस सेक्टर के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
प्रवासी सुगमता: प्रवासियों और पेशेवरों की सुगम आवाजाही के लिए नियमों को आसान बनाया जाएगा।
वाणिज्य सचिव के अनुसार, फिलहाल समझौते के मसौदे की ‘कानूनी जांच’ (Legal Scrubbing) चल रही है।
हस्ताक्षर: सरकार की कोशिश है कि सभी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर इसी साल समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए जाएं।
प्रभावी: उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल (2027) की शुरुआत में यह समझौता पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा।
इस एफटीए के जरिए भारत और यूरोपीय संघ एक रणनीतिक रक्षा समझौते को भी अंतिम रूप देंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा,
“एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। इससे हम सभी को लाभ होता है।”
उन्होंने पुष्टि की कि मंगलवार को सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर के साथ वार्ता का समापन होगा।
गौरतलब है कि इस बार गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की सैन्य टुकड़ी की भागीदारी ने दोनों पक्षों के बीच गहराते सुरक्षा सहयोग को दर्शाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज के शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वाशिंगटन (अमेरिका) की नीतियों से वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है।
ऐसे में भारत और यूरोप का यह गठजोड़ वैश्विक स्थिरता के लिए एक ‘व्यापक दृष्टिकोण’ पेश करेगा।
यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच ने गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा,
“भारत के गणतंत्र दिवस के लिए अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना एक गहरा सम्मान है। हमारी साझेदारी की पुष्टि करने और एक महत्वाकांक्षी एफटीए के समापन के लिए इससे बेहतर कोई पल नहीं हो सकता।”
यह समझौता भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में खुद को स्थापित करने की कोशिशों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
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