ब्रिटेन की संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले 40 सालों में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स ने 2.5 लाख से अधिक बच्चियों को अपना शिकार बनाया।
ब्रिटिश संसद में गूंजा पाकिस्तानी ‘ग्रूमिंग गैंग्स’ का मुद्दा: 40 सालों में 2.5 लाख बच्चियों से दरिंदगी, रिपोर्ट में पहली बार बताया गया अपराधियों का धर्म”
लंदन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ब्रिटेन की संसद (British Parliament) में पेश की गई एक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है।
इस रिपोर्ट में पिछले 40 सालों से ब्रिटेन में सक्रिय ‘पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स’ (Grooming Gangs) का काला चिट्ठा खोला गया है।
ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार संसद के पटल पर आधिकारिक रूप से इन अपराधियों की न केवल राष्ट्रीयता (पाकिस्तानी) बल्कि उनके धर्म (मुस्लिम) का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है, जिसने एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक बहस छेड़ दी है।
सांसद रूप लॉस द्वारा तैयार और ब्रिटिश संसद में पढ़ी गई इस इंक्वायरी रिपोर्ट के अनुसार:
ढाई लाख से ज्यादा पीड़ित: जांच रिपोर्ट का दावा है कि पिछले चार दशकों में इन पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स ने कम से कम 2.5 लाख गैर-मुस्लिम बच्चियों (जिनमें ब्रिटिश, हिंदू और सिख बच्चियां शामिल हैं) को अपना शिकार बनाया।
95 प्रतिशत अपराधी पाकिस्तानी मुस्लिम: रिपोर्ट में चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया गया कि बच्चियों का शिकार करने वाले इन संगठित गैंग्स में शामिल 95% अपराधी पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम थे।
पहचान का स्पष्ट खुलासा: अब तक राजनीतिक कारणों से या ‘पॉलिटिकल करेक्टनेस’ (Political Correctness) के चलते इन अपराधियों को केवल ‘एशियन’ (Asian) या सिर्फ ‘पाकिस्तानी’ कहा जाता था। लेकिन पहली बार संसद में इनकी धार्मिक पहचान स्पष्ट की गई है।
इस रिपोर्ट में हजारों पीड़ित बच्चियों के बयान दर्ज किए गए हैं, जो सिस्टम की नाकामी और अपराधियों की क्रूरता को उजागर करते हैं:
700 लोगों ने किया 13 साल की बच्ची का शिकार: एक बयान के मुताबिक, महज 13 साल की एक बच्ची के साथ 3 सालों के भीतर 700 अलग-अलग लोगों ने दुष्कर्म किया।
त्योहारों पर बढ़ती थी दरिंदगी: एक पीड़िता ने बताया कि ईद और अन्य छुट्टियों के दौरान इन अपराधियों की पार्टियां और भी बड़ी हो जाती थीं।
इन पार्टियों में ज्यादा हिंसक लोग शामिल होते थे और वहां ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को जबरन लाया जाता था।
धर्म परिवर्तन और मानव तस्करी: इन बच्चियों के साथ सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं हुआ, बल्कि उन्हें बेचा गया, जबरन अबॉर्शन (Abortion) करवाया गया और कई मामलों में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन भी कराया गया।
रिपोर्ट में इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई गई है कि ब्रिटिश पुलिस की कथित मिलीभगत और राजनैतिक दबाव के कारण असली आंकड़े कभी बाहर नहीं आ पाए।
यह भी बताया गया है कि ब्रिटेन के जिन 149 इलाकों में मुस्लिम आबादी 50% के आसपास पहुंच गई है, वहां ये पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स सबसे ज्यादा सक्रिय थे।
ब्रिटिश संसद के इस कदम के बाद भारत सहित कई देशों में यह मांग उठने लगी है कि अपराध और आतंकवाद से जुड़े मामलों में अपराधियों की पहचान पूरी स्पष्टता के साथ सार्वजनिक की जानी चाहिए।
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