“भारत के रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की हालिया अमेरिका यात्रा ने ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को वैश्विक मंच पर एक नई दिशा दी है”
वॉशिंगटन डीसी/नई दिल्ली, संतोष सेठ की रिपोर्ट
वॉशिंगटन में आयोजित उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठकों में भारत ने न केवल महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं (Critical Minerals Supply Chain) को सुरक्षित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ के नेतृत्वकर्ता के रूप में आगामी ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का बिगुल भी फूंक दिया है।
सोमवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा आयोजित ‘महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा’ बैठक में अश्विनी वैष्णव ने भारत का पक्ष मजबूती से रखा।
रणनीतिक महत्व: वैष्णव ने स्पष्ट किया कि भारत की तेजी से बढ़ती विनिर्माण क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की मजबूती के लिए लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Elements) की निर्बाध आपूर्ति अनिवार्य है।
अलगाव नहीं, विवेकपूर्ण जोखिम-निवारण: बैठक में अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने ‘Decoupling’ (अलगाव) के बजाय ‘Prudent De-risking’ (विवेकपूर्ण जोखिम-निवारण) पर जोर दिया। इसका अर्थ है कि दुनिया अब खनिजों के लिए किसी एक देश (चीन) पर निर्भर रहने के बजाय आपूर्ति के वैकल्पिक और सुरक्षित रास्ते खोजेगी।
ग्लोबल पार्टनरशिप: इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने शिरकत की, जो भारत के लिए एक बड़े रणनीतिक गठबंधन का द्वार खोलता है।
वॉशिंगटन यात्रा के दौरान वैष्णव ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहायक और विज्ञान नीति निदेशक माइकल क्रैट्सियोस से भी मुलाकात की। इस मुलाकात का केंद्र अगले महीने दिल्ली में होने वाला ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट’ रहा।
समिट की मुख्य बातें:
तारीख: 19-20 फरवरी, 2026 (दिल्ली)।
थीम: ‘लोग, ग्रह और प्रगति’ (People, Planet, and Progress)।
ग्लोबल साउथ की आवाज: यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन होगा, जिसकी घोषणा पीएम मोदी ने फ्रांस में की थी।
विशेषता: समिट के दौरान ‘YUVAi’, ‘AI by HER’ और ‘AI for All’ जैसी वैश्विक चुनौतियों के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें 135 देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।
भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि वैष्णव की यह यात्रा आर्थिक समृद्धि और जुझारू विनिर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर है। खनिजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से सेमीकंडक्टर और ईवी (EV) जैसे भविष्य के उद्योगों को बल मिलेगा, वहीं एआई समिट से भारत तकनीकी नियमों (AI Governance) को तय करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
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