तमिलनाडु: CM जोसेफ विजय ने जीता विश्वास मत, मिले 144 वोट
तमिलनाडु में खत्म हुआ सियासी ड्रामा: CM जोसेफ विजय ने जीता विश्वास मत, विधानसभा में गूंजा- ‘काम घोड़े की गति से होगा, खरीद-फरोख्त नहीं’
चेन्नई: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
तमिलनाडु की सियासत में पिछले कई दिनों से जारी भारी उथल-पुथल और हाई-वोल्टेज ड्रामे का बुधवार को आखिरकार अंत हो गया।
टीवीके (TVK) सुप्रीमो और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट (Floor Test) में अपनी सत्ता बरकरार रखते हुए प्रचंड बहुमत साबित कर दिया है।
सदन में हुए विश्वास मत परीक्षण में मुख्यमंत्री विजय की सरकार के पक्ष में कुल 144 विधायकों ने वोट किया, जो बहुमत के जादुई आंकड़े से कहीं ज्यादा है।
वहीं, सरकार के खिलाफ 22 वोट पड़े, जबकि 5 विधायकों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।
DMK का वॉकआउट और स्टालिन का ‘लेन-देन’ वाला तंज
फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्य विपक्षी दल डीएमके (DMK) ने तीखा विरोध दर्ज कराया। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने टीवीके सरकार को समर्थन न देने का ऐलान करते हुए अपना भाषण समाप्त किया और उनके नेतृत्व में डीएमके के सभी सदस्यों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।
सदन से बाहर जाने से पहले उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा AIADMK के बागी विधायकों से मुलाकात करने पर कड़ी आलोचना की।
उन्होंने सीएम पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया, “जो कुछ भी हो रहा है वह ‘परिवर्तन’ है या ‘लेन-देन’? जनता पूछ रही है कि क्या यही आपका स्वच्छ शासन है?”
CM विजय का पलटवार: ‘सरकार धर्मनिरपेक्ष रहेगी’
विश्वास मत पर हुई चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सदन को संबोधित किया और विपक्ष के हर आरोप का करारा जवाब दिया।
विजय ने सदन और राज्य की जनता को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार हर हाल में एक “धर्मनिरपेक्ष” (Secular) सरकार के रूप में काम करेगी।
‘घोड़े की गति से काम, खरीद-फरोख्त नहीं’
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे विधायकों की खरीद-फरोख्त (Horse-trading) के आरोपों पर मुख्यमंत्री विजय ने बेहद सख्त और शायराना अंदाज में पलटवार किया।
उन्होंने कहा, “यह सरकार जनता के लिए ‘घोड़े की गति’ से काम करेगी, लेकिन किसी भी हाल में ‘घोड़ों की खरीद-फरोख्त’ (Horse-trading) में शामिल नहीं होगी।”
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए वादा किया कि किसी भी तरह की बदले की भावना से काम नहीं किया जाएगा और पिछली सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी जनहितकारी योजनाओं को उनकी सरकार में भी निरंतर जारी रखा जाएगा।











