India Poverty Reduction Schemes

विशेष रिपोर्ट : देश में 12 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से आए बाहर

‘विकसित भारत’ की ओर बड़ा कदम: 12 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, केंद्र की योजनाओं ने बदली देश की तस्वीर “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा पहलों ने भारत के ग्रामीण और शहरी परिदृश्य में व्यापक बदलाव किया है।

‘The Politics Again’ की राष्ट्रीय डेस्क के अनुसार, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और आवास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देश में लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty) से बाहर निकल चुके हैं।

सरकार का मुख्य फोकस समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर ‘अंत्योदय से सर्वोदय’ के लक्ष्य को साकार करना रहा है।

📊 एक नजर में: प्रमुख योजनाओं की बड़ी उपलब्धियां

आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक से अधिक समय में विभिन्न क्षेत्रों में हुए प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

योजना / क्षेत्र

पूर्व स्थिति / आधार वर्ष के आंकड़े

वर्तमान स्थिति (मई 2026 तक)

जल जीवन मिशन

3.23 करोड़ नल कनेक्शन (अगस्त 2019)

15.84 करोड़ ग्रामीण घरों में नल जल

स्वच्छ भारत मिशन

39% ग्रामीण स्वच्छता कवरेज

100% कवरेज (12.11 करोड़ शौचालय)

आयुष्मान भारत योजना

43.93 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी

प्राथमिक शिक्षा (छात्राओं की ड्रॉपआउट दर)

4.6% (वर्ष 2013-14)

मात्र 0.3% (वर्ष 2024-25)

पीएम आवास योजना (ग्रामीण)

3.03 करोड़ पक्के घरों का निर्माण पूर्ण

पीएम उज्ज्वला योजना

पारंपरिक (धुएं वाले) ईंधन पर निर्भरता

10.57 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन

 

1. स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा: करोड़ों को मिला ‘कवच’

  • कैशलेस इलाज: आयुष्मान भारत योजना के तहत 43.93 करोड़ से अधिक कार्ड बनाए गए हैं। इसके साथ ही ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ से स्वास्थ्य सेवाओं तक आम आदमी की पहुंच बेहद आसान हो गई है। मातृ मृत्यु अनुपात में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

  • मुफ्त राशन: ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के जरिए देश के 81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न दिया जा रहा है। ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ (One Nation, One Ration Card) लागू होने से प्रवासी मजदूरों की समस्या का स्थायी समाधान हुआ है।

2. महिला सशक्तिकरण और आजीविका

सरकार की नीतियों के केंद्र में ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक उत्थान रहा है:

  • स्वयं सहायता समूह (SHG): दीनदयाल अंत्योदय योजना (NRLM) के तहत 10 करोड़ महिलाएं SHG से जुड़ चुकी हैं।

  • आधुनिक उड़ान: ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी क्रांतिकारी पहलों ने ग्रामीण महिलाओं को तकनीक और उद्यम से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया है।

3. सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचा

  • मजबूत वित्तीय समावेशन: ई-श्रम पोर्टल, अटल पेंशन योजना, और जीवन ज्योति/सुरक्षा बीमा योजनाओं ने असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा छतरी (Social Security Cover) प्रदान की है।

  • कनेक्टिविटी: ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के तहत लगभग सभी पात्र बस्तियों को हर मौसम के अनुकूल सड़कों से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तेज गति मिली है।

निष्कर्ष:

डिजिटल भुगतान प्रणाली (UPI) के विस्तार, आधार-आधारित पारदर्शी वितरण और लक्षित कल्याणकारी योजनाओं के मिश्रण ने भारत के समावेशी विकास को नई दिशा दी है। सरकार के ये ठोस कदम ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत कर रहे हैं।