“उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) साल 2021, 2022, 2023 और 2024 में आयोजित विशेष अभियानों की तर्ज पर 2 अक्तूबर से 31 अक्तूबर, 2025 तक स्वच्छता में सुधार और लंबित प्रकरणों के निपटान के लिए विशेष अभियान 5.0 का आयोजन करेगा”
नई दिल्ली 17 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
इस वर्ष, इसका उद्देश्य डीपीआईआईटी और इसके सभी संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/स्वायत्त संगठनों के कार्यालय परिसरों में स्वच्छता की परिपूर्णता सुनिश्चित करना है।
विशेष अभियान 5.0 दो चरणों में आयोजित किया जाएगा और अभियान का प्रारंभिक चरण – 15 सितंबर, 2025 से 30 सितंबर 2025 तक – पहले ही शुरू हो चुका है।
पिछले वर्ष, विभाग ने विशेष अभियान 4.0 में सफलतापूर्वक भाग लिया और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य अनुभव सुनिश्चित करने हेतु लंबित मामलों को कम करने में अभूतपूर्व परिणाम प्राप्त किए।
विशेष अभियान 5.0 के लिए, डीपीआईआईटी ने देश भर में अपने संबद्ध, अधीनस्थ और स्वायत्त निकायों के क्षेत्रीय और शाखा कार्यालयों सहित 70 अभियान स्थलों की पहचान की है। यह अभियान ई-कचरा निपटान, अभिलेख प्रबंधन और प्रभावी स्थान उपयोग जैसी गतिविधियों पर केंद्रित होगा।
ई-कचरे के प्रभावी और वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे स्वच्छ और बेहतर रखरखाव वाले कार्यालय स्थल सुनिश्चित होंगे और साथ ही स्थायी पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेष अभियान 4.0 के दौरान, स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। कुल 58,545 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई और 15,816 फाइलों की छंटनी कर इन्हें हटाया गया। भौतिक फाइलों को हटाने और रद्दी के निपटान के परिणामस्वरूप 15,847 वर्ग फुट जगह खाली हुई और 16,39,452 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
डीपीआईआईटी ने सभी सार्वजनिक शिकायतों, PG अपीलों और पहचाने गए नियम सरलीकरणों को संबोधित करके लंबित मामलों के निस्तारण के अपने लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किए। विभाग ने देशभर में 70 स्थानों पर 300 स्वच्छता अभियान भी आयोजित किए।
अभियान का एक प्रमुख फोकस स्थान प्रबंधन रहा, जिसे सभी अनुपयोगी वस्तुओं को हटाकर और इससे उपलब्ध हुए स्थान को मनोरंजन कक्ष तथा जिम में परिवर्तित करके प्रभावी रूप से कार्यान्वित किया गया।
डीपीआईआईटी के अधीन संस्थानों ने कुछ नवाचारपूर्ण कदम भी उठाए: आंध्र प्रदेश और हरियाणा स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थानों ने अपशिष्ट सामग्री का रचनात्मक ढंग से पुनः उपयोग करने के लिए “वेस्ट टु आर्ट” पहल शुरू की, जबकि बल्लभगढ़ स्थित राष्ट्रीय सीमेंट और निर्माण सामग्री परिषद ने अक्षय ऊर्जा संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए 450 KWH का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय लुगदी और कागज अनुसंधान संस्थान ने स्थानीय स्कूल के छात्रों को कृषि अपशिष्ट से बनी नोटबुक और बेकार पड़े कबाड़ से निर्मित टेबल वितरित किए, जिससे उन्हें स्थायी पद्धतियों और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।
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