सोलन / बद्दी : नकली दवाओं का कारोबार, 950 किलोग्राम नकली एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट सुक्रालफेट पकड़ी गई
“हिमाचल प्रदेश के औषधि नियंत्रण प्रशासन ने नकली दवा निर्माण में लिप्त एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बद्दी से 950 किलोग्राम नकली एपीआई (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट) सुक्रालफेट जब्त किया है”
सोलन/ बद्दी 22 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
नकली दवाओं के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें सरकारी जांच प्रयोगशालाओं ने पुष्टि की है कि जब्त किए गए सभी नमूनों में सुक्रालफेट का अंश मात्र भी मौजूद नहीं था, यानी ये एपीआई पूरी तरह से नकली और बेअसर थे।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की ‘नकली दवाओं पर जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत राज्य औषधि नियंत्रक डा. मनीष कपूर के नेतृत्व में की गई। खुफिया सूचना के आधार पर औषधि निरीक्षक विकास ठाकुर और अक्षय कुमार की टीम ने बद्दी स्थित मेसर्स आदिनाथ हेल्थकेयर की फैक्टरी में छापा मारा।
निरीक्षण के दौरान वहां से 38 ड्रम एपीआई के बरामद हुए, जिसमें से 30 ड्रम पर लेजेंड इंडस्ट्रीज गुजरात और आठ ड्रम पर पर ड्रग्स एंड केमिकल्स लिमिटेड गुजरात का लेबल लगा था। संदिग्ध सामग्री के 11 नमूने सीडीएल कोलकाता भेजे गए, जहां जांच में खुलासा हुआ कि सभी नमूनों में सुक्रालफेट पूरी तरह अनुपस्थित था।
इस रिपोर्ट को चुनौती देने पर नमूनों को कोर्ट के माध्यम से दोबारा केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला कोलकाता भेजा गया। अब तक प्राप्त पांच परीक्षण रिपोर्टों में सभी ने पुष्टि की है कि नमूनों में सुक्रालफेट का कोई अंश नहीं है। चार सैंपल मेसर्स पार ड्रग्स एंड केमिकल्स लिमिटेड के नाम पर थे जबकि एक सैंपल मेसर्स लेजेंड इंडस्ट्रीज के नाम पर था।
दवाओं के नाम पर बेचे रहे जहर
हिमाचल का बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र पूरे एशिया में फार्मा निर्माण का प्रमुख केंद्र है। यहां सैकड़ों कंपनियां जीवनरक्षक दवाएं तैयार करती हैं, जो देश-विदेश तक सप्लाई होती हैं, लेकिन नकली एपीआई जैसे मामले इस छवि पर बट्टा लगाने वाले हैं।
सुक्रालफेट से आंतों के अल्सर का इलाज
बता दें कि सुक्रालफेट एक अति आवश्यक औषधि है, जिसका उपयोग ड्यूओडेनल अल्सर (आंतों में अल्सर) के इलाज में किया जाता है। यह दवा पेट की अम्लता से घाव को बचाकर इलाज में मदद करती है।
ऐसे में इसकी नकली आपूर्ति से रोगियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए सोमवार को ड्रग अथॉरिटी की टीम ने पूरी 950 किलोग्राम की खेप जब्त कर ली गई है।
अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे
राज्य औषधि नियंत्रक डाक्टर मनीष कपूर ने स्पष्ट किया कि इस मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम 1940 के तहत अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले वित्तीय वर्ष में 19 मामले ऐसे सामने आए थे।
जिनमें हिमाचल के दवा निर्माताओं के नाम को फर्जी लेबल पर दर्शाकर नकली दवाएं बाजार में उतारी गईं। चालू वित्तीय वर्ष में भी अब तक चार नए मामले सामने आ चुके हैं। डा. कपूर ने अन्य राज्यों की नियामक एजेंसियों से भी आग्रह किया कि वे ऐसे मामलों में सख्ती दिखाएं।











