ईरान में ‘गृहयुद्ध’ जैसे हालात: भारत ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन, आज उड़ेगा पहला विमान
“31 प्रांतों में फैली आग, 3400 से ज्यादा मौतें; छात्रों को सुबह 8 बजे तैयार रहने का निर्देश”
(ब्यूरो रिपोर्ट) | नई दिल्ली/तेहरान
ईरान में जारी भीषण अशांति और गृहयुद्ध जैसी स्थितियों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा ‘रेस्क्यू मिशन’ शुरू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, आज (16 जनवरी) को भारतीय नागरिकों का पहला जत्था हवाई मार्ग से स्वदेश रवाना हो सकता है। सरकार की प्राथमिकता वहां फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाना है।
छात्रों को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का निर्देश
ईरान में फंसे छात्रों के अभिभावकों और सरकारी सूत्रों के अनुसार, दूतावास ने पहले जत्थे में शामिल लोगों को सुबह 8 बजे तक पूरी तरह तैयार रहने को कहा है।
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तैयारियां तेज: निकासी सूची (Evacuation List) को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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कागजी कार्रवाई: छात्रों को अपने पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज हाथ में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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राजनयिक प्रयास: भारत और ईरान के अधिकारियों के बीच विमान की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए जरूरी मंजूरियां ली जा रही हैं।
इंटरनेट शटडाउन बना बड़ी चुनौती
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार छात्रों का डेटाबेस तैयार कर रहा है, लेकिन मैदानी हालात बेहद मुश्किल हैं। कई प्रांतों में इंटरनेट पूरी तरह ठप होने के कारण संपर्क साधने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद, दूतावास के अधिकारी वैकल्पिक संचार माध्यमों के जरिए फंसे हुए लोगों को लोकेट करने की कोशिश कर रहे हैं।
क्यों जल रहा है ईरान?
ईरान में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। पिछले महीने ईरानी मुद्रा ‘रियाल’ के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद शुरू हुआ आर्थिक विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक विद्रोह में बदल गया है।
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मौतों का आंकड़ा: मानवाधिकार समूहों का दावा है कि सरकारी कार्रवाई में अब तक कम से कम 3,428 लोग मारे जा चुके हैं।
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देशव्यापी प्रदर्शन: आगजनी और प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। प्रदर्शनकारी अब सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने साफ किया है कि जमीनी हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और हर एक भारतीय की सुरक्षित वापसी तक यह अभियान जारी रहेगा।











