अमेरिका-ईरान तनाव: जब्त जहाज MV Touska में थे चीनी केमिकल
अमेरिका-ईरान तनाव: निक्की हेली का बड़ा दावा, ‘जब्त ईरानी जहाज MV Touska में थे मिसाइल बनाने वाले चीनी केमिकल’
वाशिंगटन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच गहराते कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच रिपब्लिकन नेता निक्की हेली के एक दावे ने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।
हेली ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना द्वारा जब्त किया गया पहला ईरानी झंडे वाला जहाज ‘MV Touska’ चीन से मिसाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों (Chemicals) की खेप लेकर ईरान जा रहा था।
इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता पर भी संकट के बादल छा गए हैं।
निक्की हेली का एक्स (X) पर दावा
इस जब्ती को लेकर निक्की हेली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “इस हफ्ते के आखिर में होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका ने जिस जहाज को जब्त किया, वह चीन से ईरान की ओर जा रहा था और उसका संबंध मिसाइलों के केमिकल की खेप से है। उसने रुकने के बार-बार दिए गए आदेशों को मानने से इनकार कर दिया था।”
हेली ने चीन पर ईरान को सैन्य मदद देने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा, “यह एक ऐसी हकीकत है जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि चीन ईरान की सरकार को मजबूत करने में मदद कर रहा है।”
इस्लामाबाद वार्ता पर अड़चन और ट्रंप का रुख
इस जब्ती से भड़के ईरान ने इसे “हथियारों के बल पर की गई लूट” करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी और ‘MV Touska’ की जब्ती एक बड़ी अड़चन बन गई है।
-
ईरान की शर्त: ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक नाकेबंदी नहीं हटाई जाती, वह इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत में शामिल नहीं होगा।
-
अमेरिका का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी इस बात पर अड़े हैं कि नाकेबंदी तभी हटेगी जब कोई ठोस समझौता हो जाएगा।
इस बीच, दोनों देशों के बीच मौजूदा संघर्षविराम गुरुवार सुबह (भारतीय समयानुसार) खत्म होने वाला है और फिलहाल किसी समझौते के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय: ‘युद्ध की लूट’
अमेरिकी नौसेना के पूर्व कैप्टन और विश्लेषक कार्ल शूस्टर ने सीएनएन (CNN) को बताया कि जहाज से जब्त किए गए सामान को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत “युद्ध की लूट” (Spoils of War) माना जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी चालक दल को हिरासत में लिया जा सकता है और यदि जहाज पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कोई कमांडो मौजूद है, तो उसे ‘युद्धबंदी’ के तौर पर रखा जा सकता है।
जहाज का ‘चाइना कनेक्शन’
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओमान की खाड़ी में जब्त किया गया जहाज ‘MV Touska’ उन जहाजों के बेड़े का हिस्सा था जो अक्सर चीन की यात्रा करते हैं।
इन जहाजों पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए केमिकल ढोने का आरोप है। समुद्री विश्लेषकों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि इस जहाज ने पिछले छह हफ्तों में दो बार चीन का दौरा किया था।
डोनाल्ड ट्रंप का दावा
इन गंभीर आरोपों के बीच एक दिलचस्प बात यह सामने आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर दावा किया है कि चीन ने ईरान को हथियार न भेजने पर सहमति जताई है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन लगातार बीजिंग पर तेहरान को सैन्य सहायता प्रदान करने के आरोप लगा रहा है।











