Delhi Drugs Control Department

चंबा में नकली दवा का भंडाफोड़: मुंबई से ऑनलाइन हो रही थी सप्लाई

चंबा में ऑनलाइन बिक रही थी दिमागी बीमारी की नकली दवा: मुंबई से जुड़े तार, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

चंबा: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

स्वास्थ्य विभाग ने दिमागी बीमारी की नकली दवाई बनाकर ऑनलाइन बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

यह नकली दवा (प्रेगाबलिन) मुंबई में तैयार कर कंपनी का फर्जी ठप्पा लगाकर हिमाचल प्रदेश के चंबा में सप्लाई की जा रही थी। इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करते हुए विभाग ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

असली कंपनी के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा

इस गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य विभाग ने पकड़ी गई दवाओं के आधार पर संबंधित दवा कंपनी को नोटिस भेजा।

जांच को आगे बढ़ाते हुए ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनी की फैक्टरी का दौरा किया। वहां बारीकी से जांच-पड़ताल करने पर चौंकाने वाला सच सामने आया कि बाजार में पकड़ी गई दवा उस कंपनी ने बनाई ही नहीं थी।

तस्कर सिर्फ नामी कंपनी के ठप्पे (लेबल) का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहे थे, जिसकी भनक खुद असली कंपनी को भी नहीं थी।

यूपी निवासी मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 4 साथियों की तलाश

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में इस नकली दवा को ऑनलाइन माध्यम और कूरियर से मुंबई से चंबा भेजने वाले मुख्य आरोपी मोहम्मद अहमद (मूल रूप से यूपी निवासी) को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में उसने अपने चार अन्य साथियों के नाम भी उगले हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कूरियर नेटवर्क के जरिए दवा और कहां-कहां बेची गई है।

दिसंबर में पकड़ी गई थी 750 कैप्सूल की खेप, युवा कर रहे नशे में इस्तेमाल

इस पूरे रैकेट के तार पिछले साल दिसंबर की एक घटना से जुड़े हैं। तब ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर ने जुलाहकड़ी निवासी हरमीत को बिना बिल की प्रेगाबलिन दवा के साथ पकड़ा था।

उसके पास से 750 कैप्सूल बरामद हुए थे। जब विभाग ने जांच की कड़ियां जोड़ीं, तो पता चला कि मोहम्मद अहमद ही बिना बिल के मुंबई से ये दवाएं सप्लाई कर रहा था।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि युवा इस दिमागी बीमारी की दवा का इस्तेमाल गैरकानूनी तरीके से नशे के रूप में कर रहे हैं।

दो साल में 40 मामले दर्ज, 24 के लाइसेंस रद्द

चंबा में नशीली और नकली दवाओं का कारोबार एक गंभीर चुनौती बन गया है। स्वास्थ्य विभाग पिछले दो सालों में अवैध रूप से नशीली दवाएं बेचने के 40 मामले दर्ज कर चुका है।

इनमें से 3 केमिस्टों के खिलाफ अदालत में केस चल रहा है, जबकि दो दर्जन (24) से अधिक केमिस्टों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।

इस मामले पर राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया, “मुंबई से नकली दवाई बनाकर बेचने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया गया है।

विभाग इस मामले के हर पहलू पर गहराई से जांच कर रहा है। आरोपी ने जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए भी तफ्तीश तेज कर दी गई है।”

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.