Ayodhya sattvic zone announcement

अयोध्या में ‘सात्विक क्रांति’: राम मंदिर के 15 किमी दायरे में मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, ऑनलाइन डिलीवरी भी बंद

“राम नगरी अयोध्या को विश्व स्तरीय धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं”

विशेष ब्यूरो, अयोध्या | 11 जनवरी, 2026

जनवरी 2026 से लागू नए नियमों के तहत, अयोध्या की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाकर अब इसे एक ‘पूर्ण सात्विक जोन’ में तब्दील कर दिया गया है।

15 किलोमीटर का ‘नो-नॉनवेज’ जोन

प्रशासन के नवीनतम आदेश के अनुसार, नवनिर्मित राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांस (Non-Veg) की बिक्री, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस दायरे में प्रसिद्ध ‘पंचकोसी परिक्रमा’ का पूरा मार्ग भी शामिल है।

सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल खुले मांस तक सीमित नहीं है, बल्कि डिब्बाबंद और फ्रोजन मीट पर भी लागू होगा। होटलों और होमस्टे को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने परिसर में मांसाहारी भोजन न तो पकाएं और न ही परोसें।

ऑनलाइन डिलीवरी पर भी ‘डिजिटल’ ताला

डिजिटल इंडिया के दौर में प्रशासन ने तकनीक का भी सहारा लिया है। स्विगी (Swiggy) और ज़ोमैटो (Zomato) जैसे प्रमुख फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है कि वे अयोध्या के प्रतिबंधित क्षेत्र (Geo-fencing के माध्यम से) में मांसाहारी व्यंजनों की डिलीवरी तत्काल बंद करें। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि प्रतिबंध का कोई भी चोर रास्ता न बचे।

‘राम पथ’ बना शराब और मांस मुक्त गलियारा

अयोध्या और फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे ‘राम पथ’ पर अब मांस या शराब की एक भी दुकान नज़र नहीं आएगी। मई 2025 में नगर निगम द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद, इस मार्ग से सभी लाइसेंस प्राप्त दुकानों को हटा दिया गया है। आबकारी विभाग अब जिला प्रशासन की अनुमति से शराब की दुकानों को शहर की बाहरी सीमाओं पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में है।

विज्ञापनों पर ‘मर्यादा’ की सेंसरशिप

अयोध्या की आध्यात्मिक आभा को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विज्ञापनों के लिए भी नई नियमावली जारी की है। राम पथ और अन्य पवित्र मार्गों पर निम्नलिखित के विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध है:

क्षेत्र/विषय प्रतिबंध का विवरण
प्रतिबंध का दायरा राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग में मांस की बिक्री पर पूर्ण रोक।
ऑनलाइन डिलीवरी स्विगी (Swiggy) और ज़ोमैटो (Zomato) जैसे प्लेटफॉर्म्स अब इस क्षेत्र में मांसाहारी भोजन की डिलीवरी नहीं कर सकेंगे।
होटल और होमस्टे पर्यटकों को नॉन-वेज भोजन परोसने पर सख्त पाबंदी।
राम पथ (14 किमी) मांस और शराब की दुकानों को पूरी तरह हटा दिया गया है।
दृश्य मर्यादा तंबाकू, पान मसाला, सिगरेट और अंतःवस्त्रों (undergarments) के विज्ञापनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रशासन का मानना है कि इस तरह के विज्ञापन श्रद्धालुओं के ध्यान को भटकाते हैं और शहर की गरिमा के प्रतिकूल हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

इस निर्णय का स्वागत करते हुए भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “धार्मिक नागरिक अपने रीति-रिवाजों, व्रतों और तपस्याओं के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं। इस तरह की बाधाएं (मांस-मदिरा) न केवल उनका ध्यान भटकाती हैं, बल्कि उनकी धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाती हैं। यह फैसला अयोध्या की मर्यादा के अनुकूल है।”

स्थानीय साधु-संतों और निवासियों ने भी इस निर्णय को ‘त्रेतायुग की अयोध्या’ की वापसी बताया है।


The Politics Again विश्लेषण: अयोध्या का यह ‘कायाकल्प’ केवल ढांचागत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक पुनर्स्थापन है। प्रशासन के इन कड़े कदमों से अयोध्या अब दुनिया के सबसे बड़े ‘वेजिटेरियन धार्मिक हब’ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

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