ई-सरस (eSARAS) प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाती ग्रामीण महिलाओं का प्रतीकात्मक चित्र।

ई-सरस: डिजिटल बाजार से हो रहा ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण

‘ई-सरस’ (eSARAS): ग्रामीण महिलाओं और शिल्पकारों का अपना डिजिटल बाजार, बिचौलियों की हुई छुट्टी; जानें कैसे बदल रही है गांव की अर्थव्यवस्था”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बुनकरों और कुम्हारों से लेकर महिला-नेतृत्व वाली सहकारी समितियों तक, भारत के ग्रामीण शिल्पकार अब देश की समावेशी विकास गाथा को एक नई और अभूतपूर्व गति प्रदान कर रहे हैं। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा हाथ है ‘ई-सरस’ (eSARAS) प्लेटफॉर्म का।

 

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह स्पष्ट हो गया है कि ई-सरस के माध्यम से हजारों महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को राष्ट्रीय बाजारों, डिजिटल बुनियादी ढांचे और संस्थागत सहायता तक सीधे पहुंच मिल रही है।

क्या है ई-सरस (eSARAS) प्लेटफॉर्म?

ई-सरस, ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (DAY-NRLM) के तहत विकसित किया गया एक आधिकारिक ऑनलाइन बाज़ार है।

  • इसे विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित बेहतरीन और चुनिंदा हस्तशिल्प उत्पादों के लिए बनाया गया है।

  • सीधा जुड़ाव: बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को सीधे कारीगरों से जोड़ता है।

  • चाहे वह मध्य प्रदेश की चंदेरी साड़ियों के बुनकर हों, राजस्थान के संगमरमर शिल्पकार हों या फिर जम्मू-कश्मीर के पश्मीना कारीगर, हर उत्पाद अपनी एक अनूठी कहानी के साथ यहां उपलब्ध है।

ई-सरस पर उपलब्ध प्रमुख उत्पाद श्रेणियां:

इस डिजिटल स्टोरफ्रंट पर मुख्य रूप से निम्नलिखित स्थानीय उत्पाद उपलब्ध हैं:

  • घर एवं गृह-सज्जा

  • महिलाओं व पुरुषों के परिधान एवं सहायक सामग्री

  • व्यक्तिगत देखभाल (Personal Care) उत्पाद

  • खाद्य उत्पाद

  • बच्चों के खिलौने एवं सहायक सामग्री

करोड़ों महिलाओं को मिला डिजिटल ‘स्टोरफ्रंट’

आंकड़ों के अनुसार, ई-सरस के माध्यम से 8.62 करोड़ से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के पास अब अपना एक डिजिटल स्टोरफ्रंट है।

DAY-NRLM देश भर के 7,627 ब्लॉकों तक अपनी पहुँच बना चुका है और जमीनी स्तर पर इन उद्यमों को सहायता प्रदान करने के लिए 1.51 करोड़ समुदाय के सदस्यों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है।

पोर्टल से लेकर ई-कॉमर्स इकोसिस्टम तक का सफर

कुछ वर्ष पूर्व एक साधारण वेब पोर्टल के रूप में शुरू हुई यह पहल आज एक पूर्ण विकसित ई-कॉमर्स इकोसिस्टम बन चुकी है। इसकी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

प्लेटफ़ॉर्म/सुविधा विस्तृत विवरण
ई-सरस पोर्टल महिला उत्पादों के विपणन के लिए वेबसाइट (esaras.in) का सफल संचालन।
ई-सरस मोबाइल ऐप प्रसंस्करण, पैकेजिंग और उत्पादों को भेजने के लिए मोबाइल ऐप और सुविधा केंद्र की शुरुआत।
ONDC एकीकरण उत्पाद 11 से अधिक खरीदार ऐप्स (ONDC) पर उपलब्ध, जिससे 20 करोड़ से अधिक संभावित खरीदारों तक सीधी पहुंच बनी है।
उमंग (UMANG) ई-सरस को उमंग ऐप पर सूचीबद्ध किया गया, जिससे डिजिटल लेनदेन और पहुंच आसान हुई।
सरस शक्ति संग्रह संस्थागत और कॉर्पोरेट बाज़ारों के लिए खास उपहारों (Gifting) के कलेक्शन का शुभारंभ।
भौतिक प्रदर्शनी (Gallery) नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर महिला SHG उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए स्थायी रिटेल गैलरी की स्थापना।

आगे की राह: डिजिटल सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता

ONDC और उमंग जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ जुड़कर, ई-सरस ग्रामीण उत्पादकों को बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार कर रहा है।

ई-सरस इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे ‘डिजिटल इंडिया’ महिलाओं को सशक्त बना रहा है, भारत की हस्तशिल्प विरासत को सहेज रहा है और एक आत्मनिर्भर व समावेशी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव रख रहा है।