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मुंबई की नई ‘बॉस’ बनेंगी रितु तावड़े? महायुति की ओर से मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल; 11 फरवरी को ताजपोशी तय!

“एशिया की सबसे अमीर नगर निगम, बीएमसी (BMC) पर भगवा फहराने की तैयारी पूरी हो चुकी है”

मुंबई: “The Politics Again”संतोष सेठ की रिपोर्ट 

हालिया चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद, महायुति गठबंधन ने रितु तावड़े (BJP) को मुंबई के महापौर (Mayor) पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।

तावड़े ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। वहीं, उप महापौर पद के लिए शिंदे गुट की शिवसेना के संजय शंकर घाड़ी ने पर्चा भरा है।

आंकड़ों का खेल: महायुति की जीत पक्की

227 सदस्यीय बीएमसी सदन में बहुमत का आंकड़ा 114 है।

  • महायुति की ताकत: भाजपा और शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। इसके अलावा, अजित पवार की एनसीपी (जो गठबंधन का हिस्सा है लेकिन अलग चुनाव लड़ी थी) ने 3 सीटें जीती हैं। इस तरह महायुति के पास कुल 121 पार्षदों का समर्थन है।

  • विपक्ष की स्थिति: उद्धव गुट की शिवसेना (UBT) 65 सीटों पर सिमट गई है, जबकि कांग्रेस को मात्र 24 और राज ठाकरे की MNS को 6 सीटें मिली हैं। शरद पवार की एनसीपी को सिर्फ 1 सीट मिली है।

  • परिणाम: महापौर चुनाव के नतीजे आधिकारिक तौर पर 11 फरवरी को घोषित किए जाएंगे, लेकिन आंकड़ों को देखते हुए रितु तावड़े और संजय घाड़ी की जीत केवल औपचारिकता मात्र है।

कौन हैं रितु तावड़े? (Candidate Profile)

घाटकोपर के वार्ड 132 से तीसरी बार पार्षद चुनी गईं रितु तावड़े का कद पार्टी में लगातार बढ़ा है।

  1. सामाजिक समीकरण: मराठा समुदाय से होने के बावजूद, उन्होंने गुजराती बहुल इलाके में अपनी पैठ बनाई है, जो उनकी स्वीकार्यता को दर्शाता है।

  2. अनुभव: वह बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र प्रदेश महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं।

  3. राजनीतिक सफर: 2012 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं तावड़े को जमीनी स्तर पर काम करने और जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए जाना जाता है।

चुनाव विश्लेषण: एक नजर में

15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनावों में महायुति ने अपनी पकड़ मजबूत की है। दिलचस्प बात यह रही कि शिवसेना (UBT) और MNS ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था, फिर भी वे जादुई आंकड़े से बहुत दूर रह गए।

वहीं, कांग्रेस और एनसीपी (SP) के ‘एकला चलो’ की रणनीति ने विपक्ष के वोटों का बिखराव किया।

Santosh SETH

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