भारी बारिश के चलते चंबा के पांगी में बादल फटने से नाले उफान पर आ गए। वहीं, ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से पंडोह डैम से 22,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर: चंबा में 3 जगह फटा बादल, 36 सड़कें बंद; ब्यास नदी किनारे हाई अलर्ट”
शिमला/चंबा: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ के बीच सोमवार को जिला चंबा के पांगी उपमंडल में तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने (Cloudburst) की घटनाएं सामने आईं।
प्रदेश भर में भारी बारिश के चलते 36 सड़कें बंद हो गई हैं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
वहीं, ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने पंडोह डैम (Pandoh Dam) से 22,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का फैसला किया है, जिसके चलते नदी किनारे अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सोमवार को पांगी के हिलु, उदीन और थांदल क्षेत्रों में बादल फटने से नालों में अचानक बाढ़ आ गई।
मजदूरों का रेस्क्यू: उदीन नाले में अचानक पानी बढ़ने से मनरेगा कार्य में लगे 11 श्रमिक फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर बाद सुरक्षित निकाल लिया। वहीं, होली उपमंडल के कलाह नाले में फंसे तीन मजदूरों को भी 3 घंटे बाद रेस्क्यू किया गया।
सड़कें अवरुद्ध: थांदल नाले में भारी मलबा और पत्थर आने से साच-किलाड़-केलांग-तिंदी मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है।
लाहौल-स्पीति से संपर्क कटा: भारी बारिश के बीच जाहलमा नाले में आई बाढ़ से वैकल्पिक मार्ग पर लगाए गए पाइप बह गए।
जिससे केलांग का उदयपुर, पांगी और किलाड़ क्षेत्र से सीधा संपर्क कट गया है। रोहतांग दर्रा में हल्की बर्फबारी और सिस्सू व अटल टनल क्षेत्र में तेज बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के चलते ब्यास नदी में जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ने लगा है। बीबीएमबी पंडोह के अधिशासी अभियंता चंद्रमणि शर्मा ने बताया कि जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए पंडोह डैम से लगभग 22,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।
प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सख्त अपील की है कि वे ब्यास नदी के किनारे जाने से बचें। किसी भी प्रकार की गतिविधि जैसे नहाना, मछली पकड़ना या नदी के पास घूमने पर रोक लगा दी गई है।
अत्यधिक वर्षा के रेड अलर्ट को देखते हुए मंडी और सिरमौर जैसे जिलों में शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया था।
हालांकि, सिरमौर की जिलाधिकारी प्रियंका वर्मा ने आदेश में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) की निर्धारित परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल 36 सड़कें, 5 बिजली ट्रांसफार्मर और 3 पेयजल योजनाएं ठप हैं।
30 जून से 19 जुलाई तक राज्य में बारिश और आपदाओं के कारण 16.91 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और अलग-अलग हादसों में 8 लोगों की जान जा चुकी है।
मौसम विभाग ने 20 व 21 जुलाई के लिए चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिले के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। कुल्लू में भी 21 जुलाई के लिए रेड अलर्ट है।
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